देश की खबरें | बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में अदालत के फैसले से ओवैसी क्षुब्ध

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर देने के विशेष सीबीआई अदालत के फैसले पर क्षोभ जाहिर करते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी को इसके खिलाफ अपील करनी चाहिए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

हैदराबाद, 30 सितम्बर बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर देने के विशेष सीबीआई अदालत के फैसले पर क्षोभ जाहिर करते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी को इसके खिलाफ अपील करनी चाहिए।

ओवैसी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नौ नवंबर को अपने फैसले में टिप्पणी की थी कि सुनियोजित तौर पर बाबरी मस्जिद को ढहाने की घटना को अंजाम दिया गया और कानून का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जो कहा था, सीबीआई अदालत का फैसला उसके उलट है ।

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने युवती से गैंगरेप मामले में योगी सरकार और, पुलिस प्रमुख को भेजा नोटिस.

ओवैसी ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘फैसले से हिंदुत्व और उसके अनुयायियों की सामूहिक अंतरात्मा और विचारधारा को संतुष्टि मिलती है।’’

उन्होंने पूछा, ‘‘-- अगर उच्चतम न्यायालय कहता है कि विधि के शासन का घोर उल्लंघन हुआ----क्या छह दिसम्बर को किसी जादू से मस्जिद ढह गई? क्या वहां प्रतिमा जादू से रख दी गई? जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तो क्या जादू से ताला खुल गया था? इसलिये मैं कहता हूं कि आज का फैसला उच्चतम न्यायालय ने जा कहा था, ठीक उसके उलट आया है।’’

यह भी पढ़े | सोनिया गांधी ने हाथरस की घटना को लेकर योगी सरकार को घेरा: 30 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

ओवैसी ने कहा कि सीबीआई को फैसले के खिलाफ अपील करनी चाहिए ‘‘ताकि उसकी स्वतंत्रता बची रहे।’’

सीबीआई अदालत के फैसले को ‘‘अप्रिय’’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से इसके खिलाफ अपील करने का आग्रह करते हैं।

उधर, अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष और सांसद बी संजय कुमार ने कहा कि इससे सच सामने आ गया है ।

उन्होंने कहा कि फैसले से वर्षों से फैलायी जा रही साजिश की ‘थ्योरी’ गलत साबित हो गयी।

कुमार ने कहा, ‘‘अल्पसंख्यक तुष्टिकरण करने वालों के मुंह पर यह तमाचा है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\