देश की खबरें | कोविड​​-19 मानदंडों के कथित उल्लंघन मामले में गुरुद्वारा बंगला साहिब को बंद करने का आदेश, सिरसा ने नाराजगी जताई

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नयी दिल्ली, 18 सितंबर चाणक्यपुरी जिला प्रशासन ने कोविड​​-19 मानदंडों के कथित उल्लंघन मामले में यहां गुरुद्वारा बंगला साहिब को बंद करने का आदेश दिया है।

प्रशासन के इस आदेश के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के निवर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

चाणक्यपुरी के उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने 16 सितंबर को यह आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया है कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट (चाणक्यपुरी) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट में पाया गया कि बंगला साहिब गुरुद्वारे के प्रबंधन ने डीडीएमए के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए “गुरुद्वारे के अंदर आगंतुकों/ अरदास की अनुमति दी।’’

आदेश में बंगला साहिब गुरुद्वारे को तत्काल प्रभाव से आगंतुकों के लिए बंद करने को कहा गया है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने पूर्व में धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के वास्ते आगंतुकों के प्रवेश को अनुमति नहीं दी थी।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता एवं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (डीएसजीएमसी) के निवर्तमान प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा ने चाणक्यपुरी एसडीएम के आदेश पर नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जिले के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में, उन्होंने कहा, ‘‘एसडीएम चाणक्यपुरी द्वारा यह आदेश पारित कर कोविड उल्लंघन के आरोप में गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब को बंद करने के लिए एक तुच्छ कार्रवाई की गई! हम दिल्ली सरकार की इस बीमार मानसिकता की निंदा करते हैं और अरविंद केजरीवाल जी से संबंधित डीसी और एसडीएम गीता ग्रोवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हैं।’’

सिरसा ने कहा कि उस गुरुद्वारे को बंद करने का आदेश जारी किया गया है, जिसने कोविड​​-19 की दूसरी लहर और लॉकडाउन के दौरान ‘लंगर’ (मुफ्त भोजन सेवा) का आयोजन तथा मरीजों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था कर कई लोगों की मदद की है।

चाणक्यपुरी एसडीएम कार्यालय ने हालांकि कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह डीडीएमए के आदेश के अनुसार हुआ है। उसने इसपर और टिप्पणी करने से इनकार किया।

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