देश की खबरें | विपक्ष ने यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित लाने से जुड़ी सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े किए
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नयी दिल्ली, 24 फरवरी कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने से जुड़ी सरकार की रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि समय रहते सरकार यह जिम्मेदारी निभाने में विफल रही।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि संकट के समय मुंह फेर लेना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आदत बन गई है।
सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘भारत सरकार का कहना है- यूक्रेन में फ़ंसे हमारे 20,000 भारतीय जहां हैं वहीं रहें क्योंकि सरकार अभी चुनाव लड़ने में व्यस्त है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, आप सभी का ख़याल करने की बजाय चुनावी रैलियों में हवा भर रहे हैं।मग़र हम देशवासी आप सभी की सकुशलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘हमारे 20,000 भारतीय युवा यूक्रेन में भय, आशंका और जीवन पर ख़तरे की स्थिति से जूझने को मजबूर हैं। समय रहते उन्हें सकुशल लाने का इंतजाम क्यों नहीं किया ? क्या यही 'आत्मनिर्भर' मिशन है?’’
यूक्रेन से भारत आने वाले भारतीय नागरिकों से एअर इंडिया द्वारा कथित तौर अधिक किराया वसूले जाने संबंधी खबर का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कटाक्ष किया, ‘‘यही तो है………फिर से आपदा में अवसर ?’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भारत सरकार को ‘यूक्रेन पर रूसी आक्रमण’ की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए और इस बार वो गलती नहीं करनी चाहिए जो अतीत में सोवियत संघ द्वारा कई देशों पर हमले के समय उसकी निंदा नहीं करके की गई थी।
पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह यूक्रेन में रूस से अपनी कार्रवाई पर विराम लगाने के लिए कहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए। ऐसे समय आते हैं जब आपको अपने ‘मित्रों’ को यह बताने की जरूरत होती कि वे सत्ता परिवर्तन कराने में शामिल नहीं हों।’’
थरूर ने ट्वीट कर कहा, ‘‘तो रूस सत्ता परिवर्तन के लिए अभियान चला रहा है। भारत को ऐसे दखल का निरंतर विरोध करना चाहिए था। वह कब तक चुप रह सकता है? कोई भी रूस की वाजिब सुरक्षा चिंताओं को स्वीकारेगा, लेकिन युद्ध शुरू करने को स्वीकार्य या उचित नहीं ठहराया जा सकता। हमें यह मांग करनी चाहिए कि रूस रुक जाए।’’
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के मॉस्को दौरे को लेकर थरूर ने कहा, ‘‘अगर इमरान खान में जरा भी आत्मसम्मान है तो उन्हें वही करना चाहिए था जो (अटल बिहारी)वाजपेयी साहब ने 1979 में किया था जब उन्होंने वियतनाम पर हमले करने वाले चीन का दौरा रद्द कर दिया था और स्वदेश लौट आए थे। अगर इमरान ऐसा नहीं करते हैं जो माना जाएगा कि वह भी आक्रमण में संलिप्त हैं।’’
कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने कहा कि भारत को रूस-यूक्रेन संघर्ष से सही सबक लेना चाहिए और अपने संबंधों को विविध बनाना चाहिए तथा उन साझेदारों पर निर्भर नहीं करना चाहिए जो सिर्फ कागज पर साझेदार हैं।
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने यूक्रेन में मौजूद कुछ भारतीय नागरिकों से संबंधित वीडियो पोस्ट करके ट्वीट किया, ‘‘मैं यह विदेश मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय के समक्ष उठा रही हूं। अब हमारे भारतीय नागरिक फंसे हुए और असहाय महसूस कर रहे हैं।’’
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को भारतीय नागरिकों से कहा कि कृपया व्याकुल नहीं हों और आप जहां भी हैं सुरक्षित रहें ।
यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा सैन्य अभियान शुरू करने के बाद भारतीय दूतावास ने ताजा परामर्श जारी किया ।
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