तमिलनाडु सरकार के कर्मचारियों के डीए पर रोक के फैसले की द्रमुक समेत विपक्षी दलों ने की निंदा
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चेन्नई, 28 अप्रैल तमिलनाडु में द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) तथा अर्जित अवकाश (ईएल) पर रोक लगाने के फैसले की मंगलवार को आलोचना की और इसे कर्मचारी विरोधी कदम बताया।

द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के वित्तीय प्रबंधन की आलोचना की , वहीं अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कझगम (एएमएमके) के नेता टीटीवी दिनाकरण ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि सरकार अपने कर्मचारियों पर इतना बोझ डाले।

कोविड-19 महामारी के कारण भीषण आर्थिक संकट का हवाला देते हुए तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को अपने कर्मचारियों के डीए पर जुलाई 2021 तक रोक लगाने की घोषणा की और उनकी एक साल की ईएल के बदले राशि देने पर भी रोक लगा दी।

स्टालिन ने एक बयान में कहा, ‘‘अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा इन आदेशों के माध्यम से अपने वेतनभोगी कर्मचारियों पर किया गया हमला वास्तव में खेदजनक है।’’

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के दावे के विपरीत राज्य का वित्तीय प्रबंधन सही नहीं है।

मक्कल निधि मैयम (एमएनएम) के अध्यक्ष कमल हासन ने भी इस कदम की आलोचना की।

उन्होंने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस संकट के समय निजी कंपनियों के कर्मचारियों के सामने परेशानी नहीं आए, वहीं राज्य और केंद्र सरकारें अपने कर्मचारियों के डीए क्यों रोक रही हैं ?

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