देश की खबरें | लोगों को गुमराह कर रहे हैं विपक्षी दल, उनकी राज्य सरकारें जीएसटी परिषद का हिस्सा हैं: भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विपक्षी दलों पर पैकेटबंद दूध और अनाज जैसे खाद्य पदार्थों पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लगाए जाने को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा ने साथ ही कहा कि राज्य की विपक्षी सरकारें भी जीएसटी परिषद द्वारा लिए गए निर्णय का हिस्सा होती हैं।

नयी दिल्ली, 17 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विपक्षी दलों पर पैकेटबंद दूध और अनाज जैसे खाद्य पदार्थों पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लगाए जाने को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा ने साथ ही कहा कि राज्य की विपक्षी सरकारें भी जीएसटी परिषद द्वारा लिए गए निर्णय का हिस्सा होती हैं।

भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेता पांच प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर की दर के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराकर जानबूझकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जो दूध, दही, अनाज, दाल और 25 किलोग्राम से कम वजन वाले आटा जैसे पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर सोमवार से लागू हो गया।

उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद ये निर्णय लेती हैं, जिसमें उन राज्यों के वित्तमंत्री शामिल होते हैं जहां विपक्षी दल सत्ता में हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद किसी भी दर को सर्वसम्मति से अंतिम रूप देती है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के सदस्य बैठक में निर्णय का समर्थन करते हैं, जबकि उनके नेता बाहर लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह उन पर उल्टा पड़ेगा क्योंकि लोग वास्तविकता से अवगत हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इससे पहले केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर

उच्च कर और बेरोजगारी को लेकर निशाना साधा था और उस पर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को नष्ट करने का आरोप लगाया था।

उन्होंने यह बात ट्विटर पर एक ग्राफ साझा करते हुए कही थी कि कैसे दही, पनीर, चावल, गेहूं, जौ, गुड़ और शहद जैसी वस्तुओं पर अब कर लगाया जा रहा है।

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