देश की खबरें | विपक्ष ने वक्फ को बर्बाद करने के प्रयास का आरोप लगाया, भाजपा बोली: मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक से संबंधित संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में पेश होने के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सरकार वक्फ संपत्तियों को बर्बाद करना चाहती है और उसने अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक कदम उठाया है।

नयी दिल्ली, 13 फरवरी विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक से संबंधित संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में पेश होने के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सरकार वक्फ संपत्तियों को बर्बाद करना चाहती है और उसने अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक कदम उठाया है।

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि विपक्ष मुस्लिम समुदाय को गुमराह करना चाहता है, जबकि वक्फ संशोधन विधेयक से मुसलमानों को लाभ होगा।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें 655 पृष्ठ की रिपोर्ट पढ़ने के लिए एक रात का समय दिया गया। हमारे पास अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए बहुत ही कम समय था। यदि आप बैठकों के मिनटों की जांच करेंगे तो पाएंगे कि खंड दर खंड चर्चा नहीं हुई थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूछना चाहते हैं कि समिति के अध्यक्ष किसके दबाव और प्रभाव में काम कर रहे थे? इसलिए, आज हमने सदन में आसन के पास पहुंचकर प्रदर्शन किया और वाकआउट किया।’’

भाजपा सांसद और समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने सदन से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ वाकआउट किया जो ‘‘संसदीय मर्यादाओं पर कुठाराघात है’’।

पाल ने कहा, ‘‘आज तक विपक्षी पार्टियां सरकार के खिलाफ वाकआउट करती थीं, लेकिन इस बार वे बाहर क्यों चले गए? उनका दावा है कि उनके कुछ बिंदु असहमति नोट से गायब थे, जबकि 281 पेज का असहमति नोट पहले से ही संलग्न था। विपक्ष द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर वे असहमति नोट में और बिंदु जोड़ना चाहते हैं तो हमारी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है।’’

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों को बर्बाद करने के लिए यह विधेयक लाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वक्फ विधेयक न सिर्फ असंवैधानिक है और कुछ अनुच्छेदों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि मुसलमानों से वक्फ छीनने और उसे नष्ट करने के लिए लाया जा रहा है। भाजपा और राजग के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत संशोधनों ने इस विधेयक को और भी बदतर बना दिया।’’

ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘आप ही बताएं कि मुस्लिम वक्फ संपत्तियों में किसी गैर-मुस्लिम सदस्य को कैसे शामिल किया जा सकता है? आप कलेक्टर और उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिकार कैसे देंगे? कोई कलेक्टर यह कैसे तय करेगा कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं?’’

समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन ने कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है और यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है।

उन्होंने दावा किया कि यह जानकारी मिली है कि विपक्षी सदस्यों के असहमति नोट को संपादित किया गया है।

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि ध्यान भटकाने के लिए समिति की रिपोर्ट पेश की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने जानबूझकर ध्यान भटकाने के लिए आखिरी दिन इसे सदन के पटल पर रखा...विपक्षी सांसदों के किसी भी सुझाव को नहीं माना गया है।’’

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष मुस्लिम समुदाय को गुमराह करना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष केवल मुस्लिम समुदाय को गुमराह करना चाहता है और उन्हें उनके कल्याण की कोई परवाह नहीं है। वक्फ विधेयक में किए जा रहे संशोधन वास्तव में यह सुनिश्चित करेंगे कि मुस्लिम समुदाय को उसका उचित लाभ मिले। जो भी वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं, उनका लाभ गरीबों तक पहुंचना चाहिए।’’

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