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ताजा खबरें | आपरेशन सिंदूर : राज्यसभा में कांग्रेस व विपक्ष ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कांग्रेस सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा हासिल बढ़त को राजनीतिक नेतृत्व ने गंवा दिया। वहीं भाजपा सदस्य के. लक्ष्मण ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के ‘सबूत’ मांगने का आरोप लगाया।

ताजा खबरें | आपरेशन सिंदूर : राज्यसभा में कांग्रेस व विपक्ष ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 30 जुलाई राज्यसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कांग्रेस सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा हासिल बढ़त को राजनीतिक नेतृत्व ने गंवा दिया। वहीं भाजपा सदस्य के. लक्ष्मण ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के ‘सबूत’ मांगने का आरोप लगाया।

सदस्य राज्यसभा में ‘‘पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा’’ में भाग ले रहे थे।

सिंह ने कहा कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलों द्वारा हासिल की गयी बढ़त को गंवा दिया। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने विमर्श को बदलने की कोशिश की।

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि सरकार के मंत्रियों के बयानों का सत्य से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस दिखाया और हर भारतीय को उन पर गर्व है लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलों द्वारा प्राप्त बढ़त को राजनीतिक नेतृत्व ने खो दिया।

चर्चा में भाग लेते हुए लक्ष्मण ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा नहीं करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि मोदी को तीन बार भारत के लोगों का विश्वास मिला है।

भाजपा सदस्य ने कहा, ‘‘उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सबूत मांगे, उन्होंने पुलवामा के बाद सबूत मांगे, अब वे संघर्ष विराम को लेकर सवाल कर रहे हैं ... उन्हें अपनी सरकार से ज्यादा (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप पर भरोसा है।"

भाजपा सदस्य गुलाम अली ने कांग्रेस, नेकां और अन्य स्थानीय दलों पर "छद्म धर्मनिरपेक्षता" में शामिल होने का आरोप लगाया, और कहा कि अब विमर्श को बदला जा रहा है। उन्होंने कहा "पिछले 30 वर्षों में, सेनाओं के लोगों ने अपनी जान गंवायी है... उन्होंने कभी किसी भी स्कूल का नाम शहीदों के बाद नहीं रखा।’’

उन्होंने कश्मीर में "जनमत संग्रह" की बात कहने के लिए पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना की।

निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि बहस का उद्देश्य देश को भारत के साहस के बारे में बताना था। उन्होंने कहा कि यह एक सभ्य राष्ट्र द्वारा दी गयी चेतावनी थी, इस देश में बुद्ध और परशुराम दोनों हैं।

उन्होंने कहा, "धैर्य रखना हमारी संस्कृति है, लेकिन अगर वे हमें उकसाते हैं, तो उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। 23 मिनट में, भारत ने आतंकवाद के वर्षों का बदला लिया।"

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2025 06:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).