जरुरी जानकारी | ओएनजीसी विदेश की 10 करोड़ डॉलर से कम लाभांश राशि रूस में अटकी: अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की विदेश इकाई ओएनजीसी विदेश की यूक्रेन युद्ध के कारण रूस में 10 करोड़ डॉलर से कम की लाभांश राशि अटकी पड़ी है और उसे इसको हासिल करने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 29 मई सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की विदेश इकाई ओएनजीसी विदेश की यूक्रेन युद्ध के कारण रूस में 10 करोड़ डॉलर से कम की लाभांश राशि अटकी पड़ी है और उसे इसको हासिल करने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
भारत की पेट्रोलियम कंपनियों ने रूस में चार विभिन्न संपत्तियों में हिस्सेदारी खरीदने के लिये 5.46 अरब डॉलर का निवेश किया है। इसमें वैंकोरनेफ्ट तेल एवं गैस क्षेत्र में 49.9 प्रतिशत और तास-यूराख नेफ्टेगाजोडोबाईचा क्षेत्र में 29.9 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है।
हिस्सेदारी के बदले क्षेत्र से उत्पादित तेल एवं गैस की बिक्री से होने वाले लाभ पर कंपनियों को लाभांश मिलता है। पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर हमले के तुरंत बाद रूस ने विदेशी विनिमय दर में उतार-चढ़ाव पर रोक लगाने के लिये दूसरे देशों में डॉलर भेजने पर पाबंदी लगा दी थी।
ओएनजीसी विदेश लि. (ओवीएल) को पिछली बार जुलाई, 2022 में लाभांश मिला था। उसके बाद आया लाभांश कंपनी के रूस में स्थित बैंक खाते में पड़ा है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक राजर्षि गुप्ता ने कहा कि रूस में लाभांश आय 10 करोड़ डॉलर से कम है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे पाने की कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि कंपनी के पास रूस में तीन परियोजनाओं के लिये पूंजी और परिचालन खर्च हैं। जहां तक लाभांश का सवाल है, उससे कामकाज पर कोई असर नहीं हुआ है।’’
ओवीएल के पास सिंगापुर की अनुषंगी के जरिये रूस में तेल एवं गैस क्षेत्रों में हिस्सेदारी है।
रूस से पिछले साल सिंगापुर को मित्र देशों से अलग रखा। ऐसे में रूस से पैसा उस कंपनी को नहीं जा सकता है, जिसका गठन सिंगापुर में हुआ है।
उन्होंने कहा कि कंपनी उपयुक्त बैंक व्यवस्था पर गौर कर रही है और इस बारे में बातचीत जारी है।
पिछले सप्ताह ऑयल इंडिया के अधिकारियों ने कहा था कि कंपनी और उसके भागीदारों की 30 करोड़ डॉलर की लाभांश आय रूस में अटकी पड़ी है।
ऑयल इंडिया लि., इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रो रिर्सोसेज लि. की दो परियोजनाओं में हिस्सेदारी है।
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