देश की खबरें | महाराष्ट्र में सोलर पैनल को नुकसान पहुंचाने का पुराना वीडियो राजस्थान का बताकर साझा किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नयी दिल्ली, 12 सितंबर (पीटीआई फैक्ट चेक) सोलर पैनल पर तोड़फोड़ कर रहे कुछ लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा गया है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में लोगों ने एक पंडित के कहने पर सोलर पैनल को क्षतिग्रस्त कर दिया।

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (पीटीआई फैक्ट चेक) सोलर पैनल पर तोड़फोड़ कर रहे कुछ लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा गया है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में लोगों ने एक पंडित के कहने पर सोलर पैनल को क्षतिग्रस्त कर दिया।

हालांकि पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में यह दावा गलत निकला। वास्तव में यह वीडियो महाराष्ट्र के चालीसगांव का है, जहां मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर नाराज मजदूरों ने सौर संयंत्र के पैनलों को नुकसान पहुंचाया था।

सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर अफाक रजवी नाम के यूजर ने वीडियो को राजस्थान का बताया। वहीं, तुर्किये के एक मीडिया संगठन ‘आरटीई उर्दू’ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत में एक हिंदू पंडित के कहने पर लोगों ने सोलर पैनल पर हमला कर दिया। पंडित ने कहा था कि यदि हम सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे तो सूर्य देव को परेशानी होगी।”

इस वीडियो को अब तक एक लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए डेस्क ने ‘इनविड टूल’ का इस्तेमाल कर वीडियो के ‘कीफ्रेम्स’ को गूगल लेंस के जरिये ‘रिवर्स सर्च’ किया। हमें ‘क्लाइमेटसमुराई डॉट कॉम’ नाम की एक वेबसाइट पर इस घटना से जुड़ी रिपोर्ट मिली जो 15 फरवरी 2018 को प्रकाशित हुई थी।

रिपोर्ट कहती है कि महाराष्ट्र के चालीसगांव में 100 मेगावाट के सौर संयंत्र के पैनलों को श्रमिकों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। बताया गया कि वेतन नहीं मिलने के कारण श्रमिकों ने ऐसा किया।

जांच के दौरान डेस्क को ‘क्लाइमेटसमुराई’ के यूट्यूब चैनल पर भी घटना से जुड़ा एक वीडियो मिला। 15 फरवरी 2018 को चैनल पर अपलोड किए गए इस वीडियो में बताया गया कि वेतन न मिलने के कारण महाराष्ट्र में श्रमिकों ने 100 मेगावाट के सौर संयंत्र के पैनल को नुकसान पहुंचाया।

पीटीआई फैक्ट चेक की पड़ताल से साफ है कि वायरल वीडियो राजस्थान का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के चालीसगांव का है। वीडियो काफी पुराना है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ अब साझा किया जा रहा है।

पूरी फैक्ट चेक रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें (https://bit.ly/3B295DP)

सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे की सच्चाई या सत्यापन के लिए पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क के व्हाट्सएप नंबर +91-8130503759 से संपर्क करें।

(पीटीआई फैक्ट चेक)

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