जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी, स्थानीय मांग बेहतर रहने से बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग में सुधार तथा स्थानीय खपत बढ़ने से बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, सोयाबीन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों की कीमतों में सुधार आया।

नयी दिल्ली, 22 नवंबर वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग में सुधार तथा स्थानीय खपत बढ़ने से बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, सोयाबीन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों की कीमतों में सुधार आया।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सुधार आने का कारण नवंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए देश में आयात शुल्क मूल्य को बाजार भाव की तुलना में काफी कम रखा जाना है। उन्होंने कहा कि आयात शुल्क मूल्य कम होने का लाभ विदेशी कंपनियों को ही मिलता है जो अपना भाव और बढ़ा लेती हैं जबकि सरकार को राजस्व की हानि होती है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का कब बढ़ेगा महंगाई भत्ता?.

सरकार ने 13 नवंबर को महीने के दूसरे पखवाड़े के लिए आयात शुल्क मूल्य तय किया जो बाजार के भाव से काफी कम था। इसके तहत सीपीओ के आयात शुल्क मूल्य को 782 डॉलर से बढ़ाकर 847 डॉलर कर दिया गया जबकि बाजार भाव 880 डॉलर का था। इस प्रकार इस तेल के आयात शुल्क मूल्य में प्रति क्विन्टल 200 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

इसी प्रकार सोयाबीन डीगम के आयात शुल्क मूल्य में नौ डॉलर की बढोतरी की गई यानी इसे पहले के 948 डॉलर से बढ़ाकर 957 डॉलर किया गया यानी इस तेल में 26 रुपये क्विन्टल की बढ़ोतरी हुई है जबकि इसका बाजार भाव 1,000 डॉलर का था।

यह भी पढ़े | Indira Priyadarshini Nature Safari Mohraenga’ Inauguration Live Streaming: छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल राज्य के नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन का कर रहे है उद्घाटन, यहां देखें लाइव.

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया में पामतेल का उत्पादन प्रभावित होने और आयात शुल्क मूल्य बाजार भाव से कहीं कम तय किये जाने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया। आयात शुल्क मूल्य बाजार भाव के अनुरूप तय नहीं किये जाने से आयातकों में असमंजस की स्थिति बनी रहती है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेल के मुकाबले महंगा होने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्ववत रहे। मूंगफली दाना और मूंगफली गुजरात के भाव क्रमश: 5,400-5,450 रुपये और 13,500 रुपये प्रति क्विन्टल के पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुए। मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 2,095-2,155 रुपये प्रति टिन पर स्थिर रहा।

सूत्रों ने कहा कि मौजूदा समय में सोयाबीन डीगम, सूरजमुखी और सरसों तेलों के भाव का अंतर कम होने से ‘ब्लेंडिंग’ के लिए सस्ते आयातित तेलों की मांग कम हुई है जबकि सरसों की मांग बढ़ी है।

सामान्य कारोबार के बीच विशेषकर उत्तरी भारत में हल्के तेलों (विशेष रूप से सरसों कच्ची घानी तेल) की मांग बढ़ने से सरसों दाना और सरसों दादरी तेल के भाव क्रमश: 45 रुपये और 180 रुपये का सुधार दर्शाता क्रमश: 6,270-6,320 रुपये और 12,480 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। सरसों पक्की और कच्ची घानी के भाव क्रमश: 15-15 रुपये का सुधार दर्शाते क्रमश: 1,880-2,030 रुपये और 2,000-2,110 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।

वैश्विक स्तर पर ‘सॉफ्ट आयल’ (हल्के तेल) की मांग बढ़ने के बीच सोयाबीन डीगम की मांग बढ़ी है और जाड़े के मौसम के साथ पाम तेल की मांग कम होगी जबकि सोयाबीन डीगम की मांग और बढ़ेगी। वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग के बीच सोयाबीन दाना और लूज के भाव क्रमश: 130 रुपये और 95 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,500-4,550 रुपये और 4,335-4,365 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और डीगम के भाव भी क्रमश: 400 रुपये, 400 रुपये और 250 रुपये का सुधार दर्शाते क्रमश: 11,600 रुपये, 11,300 रुपये और 10,450 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि सस्ते दाम के कारण व्यावसायिक मांग बढ़ने और बेपड़ता कारोबार के कारण सीपीओ और पामोलीन दिल्ली और कांडला की कीमतें भी क्रमश: 80 रुपये तथा 100-100 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 9,230 रुपये, 10,700 रुपये और 9,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।

सोयाबीन डीगम के मुकाबले 700-800 रुपये प्रति क्विन्टल सस्ता होने से बिनौला तेल की मांग बढ़ी है जो अच्छा तेल भी माना जाता है। बिनौला तेल की कीमत समीक्षाधीन सप्ताह में 280 रुपये का सुधार दर्शाती 10,100 रुपये क्विन्टल पर बंद हुई।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था हाफेड और नाफेड को आगामी सर्दियों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरसों की संभलकर बिकवाली करनी चाहिये क्योंकि सरसों का कोई विकल्प नहीं है और इसका आयात भी नहीं किया जा सकता है।

राजेश

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Live Score Update: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Live Toss And Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Toss Winner Prediction: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी