देश की खबरें | सांभर महोत्सव के पक्षियों के लिए अहितकारी होने संबंधी शिकायतों को दूर करें अधिकारी: एनजीटी

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नयी दिल्ली, 15 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को राजस्थान सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रस्तावित तीन दिवसीय सांभर महोत्सव से संबंधित उन शिकायतों को दूर करें जिनमें इसे प्रवासी पक्षियों और उनके प्राकृतिक वास पर विपरीत प्रभाव डालने वाला बताया गया है।

अधिकारण ने राजस्थान के मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि इस तरह के नुकसानदेह प्रभाव मिलते हैं तो वे महोत्सव के स्थान को बदल दें।

एनजीटी उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया है कि पतंगबाजी, पैराग्लाइडिंग और मोटरसाइकिल अभियान समेत माहोत्सव की अन्य गतिविधियां प्रवासी पक्षियों और झील में उनके प्राकृतिक वास को विपरीत रूप से प्रभावित करेंगी जो कि रामसर स्थल सूची में शामिल है।

याचिका में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का खासतौर पर जिक्र किया गया। जयपुर के पास सांभर झील पर 17 से 19 फरवरी तक इस महोत्सव के आयोजन का प्रस्ताव है।

न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि प्रस्तावित स्थल पर महोत्सव के आयोजन से पक्षियों और झील के प्राकृतिक वास पर विपरीत असर पड़ेगा तो महोत्सव को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।

पीठ ने कहा कि इस मामले में फैसला लेकर इसकी जानकारी राज्य की वेबसाइट पर 16 फरवरी शाम पांच बजे तक पोस्ट की जा सकती है।

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