जम्मू, 22 फरवरी अधिकारियों ने दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की आगामी यात्रा के दौरान सेवा मुहैया कराने वालों के पंजीकरण के वास्ते एक कार्य-योजना की समीक्षा की। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
श्रम आयुक्त चरणदीप सिंह ने विभाग के अधिकारियों के साथ 3,880 मीटर ऊंची गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा के संबंध में एक तैयारी बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सेवा प्रदाताओं के समय पर और परेशानी मुक्त पंजीकरण के लिए तैयार रहें।
पिछले साल अमरनाथ यात्रा के लिए श्रम विभाग ने 15,903 टट्टूवाला, 10,023 पालकी और दांडीवाला तथा 6,893 पिट्ठूवाला सहित 32,819 सेवा प्रदाताओं को पंजीकृत किया था। अमरनाथ यात्रा आमतौर पर ‘सावन’ (जुलाई-अगस्त) के महीने में होती है।
सिंह ने बताया कि विभाग श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) और संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय में सेवा प्रदाताओं को उनके मूल जिलों और गांदरबल तथा अनंतनाग जिलों में स्थित शिविरों में अग्रिम पंजीकरण की सुविधा प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) कार्ड समय पर और बगैर परेशानी के मिल जाए।
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए गांदरबल जिले के सोनमर्ग, कंगन, मनिगाम, गुंड, गुटलीबाग और बालटाल और अनंतनाग जिले के माटीगौरान, सल्लर, खैर, ऐशमुकाम, अनंतनाग और पहलगाम में अन्य जिला मुख्यालयों के अलावा पंजीकरण शिविर स्थापित किए जाएंगे।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY