देश की खबरें | दिल्ली में घरों में पृथक-वास के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे अधिकारी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 नवंबर राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच दिल्ली सरकार ने जिला स्वास्थ्य दलों को निर्देश दिया है कि वे घरों में पृथक-वास में रह रहे कोविड-19 मरीजों के पास जाएं और सुनिश्चित करें कि रोगी सभी नियमों का पालन करें। वहीं दिल्ली में आरटी-पीसीआर जांच क्षमता बढ़ा दी गई है और एक दिन में 37,000 से अधिक नमूनों की जांच की गयी।

पिछले पांच दिन में शहर में केन्द्र और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में 411 आईसीयू बिस्तर बढ़ाये गये हैं।

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निजी अस्पतालों को कोविड-19 मरीजों के लिए 80 प्रतिशत बिस्तरों को आरक्षित रखने के आप सरकार के निर्देश की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश के बाद दोनों, दिल्ली सरकार और केंद्र संचालित अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर जोड़े गए हैं।

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मास्क नहीं पहनने समेत अन्य उल्लंघनों के लिए राजधानी में जुर्माना बढ़ाये जाने के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार को शाम चार बजे तक 1,300 से ज्यादा लोगों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

राष्ट्रीय राजधानी में 28 अक्टूबर से कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आई है। उस दिन पहली बार नए मामलों की संख्या 5,000 से अधिक रही थी और 11 नवंबर को सर्वाधिक 8,593 नए मामले सामने आए।

दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस के 5,879 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 12.90 प्रतिशत रही वहीं 111 और मरीजों की मौत हो जाने से मृतकों की कुल संख्या 8,270 हो गयी।

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, नए मामले शुक्रवार को किए गए 45,562 परीक्षणों में सामने आए। इन परीक्षणों में 21,845 आरटी-पीसीआर परीक्षण शामिल हैं।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर दिल्ली में दैनिक आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता बढ़ाकर 37,200 कर दी है।

प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि 27,000 जांच प्रतिदिन से इसे बढ़ाया गया है।

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश में कहा है कि संपर्कों का पता लगाने पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगने पर तत्काल उनका परीक्षण किया जाए तथा जांच रिपोर्ट आने तक ऐसे लोगों को पृथकवास में रखा जाए।

पिछले दिनों जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि मनोरंजन स्थलों, बाजारों, कार्यस्थलों और मेट्रो जैसी सेवाओं से उभरते मामलों का विश्लेषण तुरंत किया जाना चाहिए और तत्काल रोकथाम के उपाय शुरू किए जाने चाहिए।

आदेश में कहा गया है कि रैपिड एंटीजन परीक्षणों में निगेटिव रिपोर्ट के बाद लक्षण होने पर आरटी-पीसीआर परीक्षण किया जाना चाहिए। आरटी-पीसीआर परीक्षण को कोरोना वायरस जांच के लिए मानक माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को कोविड-19 के 6,608 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 5.17 लाख से अधिक पहुंच गया जबकि इसी अवधि के दौरान इस महामारी से 118 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 8,159 हो गई।

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