भुवनेश्वर, दो अगस्त ओडिशा सरकार ने राज्य की राजधानी के बाहरी इलाके नाहरकांता में स्थित ‘जयदेव कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी’ के अधिकारियों से प्लस-थ्री की एक छात्रा के साथ हुए कथित बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले की जांच करने को कहा है।
इस मामले की हालांकि पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई, लेकिन कॉलेज की छात्रा ने संस्थान के ‘रीडर रैंक’ के एक शिक्षक पर बलात्कार एवं कई महीने तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेज के प्रधानाचार्य को घटना की गहन जांच करने और तत्काल रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देने के बाद मामला सामने आया।
आरोप एक ‘फिजिक्स रीडर’ पर लगाया गया है, जो राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुका है। शिक्षक पर छात्रा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है।
छात्रा ने 25 जुलाई को कॉलेज प्राधिकरण के सामने मामला उठाया था। कॉलेज के अधिकारियों ने पुलिस की मदद लेने के बजाय जांच के लिए एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया और कॉलेज प्रबंधन परिषद प्रमुख को एक रिपोर्ट सौंपी।
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव सुरेंद्र कुमार पांडा ने कॉलेज अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस आरोप की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि कॉलेज की आंतरिक समिति को छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला।
इस बीच, उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षक का तबादला संबलपुर जिले के कुचिंदा कॉलेज में कर दिया है।
कुचिंदा कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीकांत पटेल ने कहा, ‘‘ जी हां, फिजिक्स रीडर की सेवाएं हमारे कॉलेज में एक अगस्त से शुरू हुईं और वह दो दिन के अवकाश पर हैं।’’
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