पहली बार मोटापे ने दुबले पतलों को ओवरटेक किया

यूनिसेफ के मुताबिक, पहली बार ऐसा हुआ है जब मोटापे के शिकार युवाओं की संख्या, दुबले पतलों से आगे निकल चुकी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

यूनिसेफ के मुताबिक, पहली बार ऐसा हुआ है जब मोटापे के शिकार युवाओं की संख्या, दुबले पतलों से आगे निकल चुकी है.यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स फंड (यूनिसेफ) ने 190 से ज्यादा देशों से आंकड़ें जुटाने के बाद पोषण रिपोर्ट तैयारी की है. रिपोर्ट के लिए बड़ी संख्या में घरों और परिवारों का सर्वे कर स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े भी जुटाए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, 5 साल के बच्चों से लेकर 19 साल तक के युवाओं में अब कम वजन (अंडरवेट) के मामले 9.2 फीसदी हैं. 25 साल पहले यह दर 13 प्रतिशत थी. वहीं सन 2000 में इसी आयु वर्ग में मोटापे की दर 3 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 9.4 परसेंट हो चुकी है.

बच्चों और युवाओं में मोटापे की दर सबसे ज्यादा अमीर और तेजी से विकास कर रहे देशों में बढ़ी है. दक्षिण अमेरिकी देश चिली में यह 27 फीसदी है, तो जर्मनी में 25 और अमेरिका व यूएई में 21 परसेंट बच्चे और युवा मोटापे का शिकार हैं. मोटापे की इस बढ़ती लहर से अब सिर्फ सब सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया ही बचे हैं.

मोटापा भी कुपोषण है

यूनिसेफ की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर कैथरीन रसेल कहती हैं, "कुपोषण, अब सिर्फ कम वजन वाले बच्चों के बारे में नहीं है."

कई देशों में अब तक यह आम धारणा रही है कि औसत से कम वजन, कुपोषण की निशानी है, जबकि मोटापे जरूरत से ज्यादा बढ़िया खुराक की. लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो मोटापा भी कुपोषण ही है. रसेल कहती हैं, "मोटापा, एक बढ़ती समस्या है, इसका बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर असर पड़ सकता है. बहुत ज्यादा प्रोसेस किया गया भोजन, तेजी से फलों, सब्जियों और प्रोटीन की जगह ले रहा है."

यूनिसेफ के मुताबिक बचपन से लेकर शुरुआती युवावस्था तक फल, सब्जियां, अनाज और प्रोटीन बेहद जरूरी होते हैं. ऐसी खुराक शारीरिक, मस्तिष्क संबंधी और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाती है.

मोटापे के खिलाफ मेक्सिको का चमकीला उदाहरण

यूनिसेफ की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि सस्ता, अल्ट्रा प्रोसेस्ड और फास्ट फूड मोटापे की दर को बढ़ा रहा है. ऐसा खाना बेचने के लिए बहुत पैसा खर्च कर लुभावने विज्ञापनों की बाढ़ सी बहाई जा रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक मोटापा, स्कूल में उपस्थिति, आत्मविश्वास, सामाजिक मेलजोल पर भी असर डाल सकता है. बचपन और किशोरावस्था में ऐसे अनुभवों से स्थापित होने वाली आदतों को बाद में बदलना बहुत ही मुश्किल होता है.

यूनिसेफ ने अपनी रिपोर्ट में मेक्सिको के कदमों की तारीफ की है. मेक्सिको सरकार ने सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन में बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों के तहत अब बच्चों को अति संवर्धित, ज्यादा नमक या चीनी वाला भोजन परोसना बैन कर दिया गया है. इस प्रतिबंध में बहुत ज्यादा फैट वाले भोजन को भी शामिल किया गया है. इसका फायदा 3.4 करोड़ से ज्यादा बच्चों को हुआ है.

Share Now

संबंधित खबरें

DC-W vs GG-W WPL 2026 4th Match Live Toss And Scorecard: नवी मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Sri Lanka vs Pakistan, 3rd T20I Match Preview: आज श्रीलंका बनाम पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा तीसरा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकार्ड्स, मिनी बैटल, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

SL vs PAK 3rd T20I 2026, Dambulla Weather, Rain Forecast and Pitch Report: दांबुला में बारिश बनेगी विलेन या बल्लेबाज और गेंदबाज मचाएंगे कोहराम, मुकाबले से पहले जानें मौसम का हाल और पिच रिपोर्ट

Who Is Nadeem Qureshi? कौन हैं नदीम कुरैशी, जय भानुशाली से अलग होने के बाद माही विज ने कहा- ‘मेरी आत्मा मेरे बेस्ट फ्रेंड जुड़ी है’

\