जरुरी जानकारी | एक करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आमदनी वाले व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या दो साल में दोगुनी हुई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या पिछले दो साल में मार्च, 2022 तक दोगुनी होकर 1.69 लाख हो गयी है।
नयी दिल्ली, सात अगस्त सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या पिछले दो साल में मार्च, 2022 तक दोगुनी होकर 1.69 लाख हो गयी है।
आकलन वर्ष 2022-23 के कर रिटर्न के आंकड़ों (वित्त वर्ष 2021-22 की अर्जित आय से संबंधित) के अनुसार, कुल 1,69,890 लोगों ने सालाना आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखाई है।
इससे पूर्व आकलन वर्ष 2021-22 में ऐसे लोगों की संख्या 1,14,446 थी। आकलन वर्ष 2020-21 में 81,653 व्यक्तियों ने अपनी आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखायी थी।
आकलन वर्ष 2022-23 में 2.69 लाख इकाइयों ने अपनी आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखायी। इन इकाइयों में व्यक्तिगत करदाता, कंपनी, फर्म और न्यास शामिल हैं।
आकलन वर्ष 2022-23 में भरे गये आईटीआर की संख्या 7.78 करोड़ रही जो आकलन वर्ष 2021-22 और 2020-21 में क्रमश: 7.14 करोड़ और 7.39 करोड़ थी।
राज्यवार देखा जाए तो आकलन वर्ष 2022-23 के लिये महाराष्ट्र शीर्ष पर रहा जहां 1.98 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किये गये। उसके बाद उत्तर प्रदेश (75.72 लाख), गुजरात (75.62 लाख) और राजस्थान (50.88 लाख) का स्थान रहा।
पश्चिम बंगाल में 47.93 लाख, तमिलनाडु में 47.91 लाख, कर्नाटक में 42.82 लाख, आंध्र प्रदेश में 40.09 लाख और दिल्ली में 39.99 लाख आयकर रिटर्न दाखिल हुए।
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