देश की खबरें | धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने के लिये याचिका पर न्यायालय का केन्द्र को नोटिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर में बंद किये गये धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने के लिये दायर याचिका पर बुधवार को केन्द्र से जवाब मांगा।
नयी दिल्ली, नौ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर में बंद किये गये धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने के लिये दायर याचिका पर बुधवार को केन्द्र से जवाब मांगा।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुये गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया।
देश में सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति के लिये अहमदाबाद स्थित ‘गीतार्थ गंगा ट्रस्ट’ ने न्यायालय में याचिका दायर की है।
पीठ ने कहा, ‘‘हम संभावना तलाशने के लिये नोटिस जारी कर रहे हैं।’’
यह ट्रस्ट एक धार्मिक शोध संस्थान है और इसने अधिवक्ता सुरजेन्दु शंकर दास के माध्यम से याचिका दायर की है।
ट्रस्ट ने याचिका में कहा है कि वह सभी आवश्यक सावधानियों के साथ देश भर में मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और गुरूद्वारों को खोलकर आध्यात्मिक खुशहाली सुनिश्चित करना चाहता है।
याचिका में कहा गया है कि अनलॉक 1.0 के बारे में गृह मंत्रालय के 30 मई के आदेश में आठ जून से निरुद्ध क्षेत्र से बाहर स्थित धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी गयी थी।
याचिका के अनुसार अनेक राज्यों ने केन्द्र सरकार द्वारा दी गयी ढील के तीन महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, जैन मंदिर और गुरूद्वारे आदि को खोलने के बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया है।
याचिका में कहा गया है कि इसे दायर करने का एकमात्र उद्देश्य देश में भारत के नागरिकों के संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(क) और (ख), 25, 26 और 21 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कराना है। यह विशेष तौर पर समूचे भारत में पूजा/ धार्मिक स्थलों को खुलवाने के संबंध में है, जो फिलहाल कई राज्यों में बंद हैं।
अनूप
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