विदेश की खबरें | नॉर्वे में वार्ता ने तालिबान की मान्यता को लेकर नई बहस शुरू की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ये बैठक नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के ऊपरी इलाके में बर्फ से ढके पहाड़ों पर बने एक होटल में हो रही है। अगस्त में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद यह पहला मौका है जब उनके प्रतिनिधियों ने यूरोप में आधिकारिक बैठक की हैं। इससे पहले, उन्होंने रूस, ईरान, कतर, पाकिस्तान, चीन और तुर्कमेनिस्तान की यात्रा की है।

ये बैठक नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के ऊपरी इलाके में बर्फ से ढके पहाड़ों पर बने एक होटल में हो रही है। अगस्त में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद यह पहला मौका है जब उनके प्रतिनिधियों ने यूरोप में आधिकारिक बैठक की हैं। इससे पहले, उन्होंने रूस, ईरान, कतर, पाकिस्तान, चीन और तुर्कमेनिस्तान की यात्रा की है।

यह बैठक तालिबान के कब्जे से पहले अफगानिस्तान में मौजूद रहे उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के एक सदस्य देश नॉर्वे में हो रही है, ऐसे में इस बैठक ने इस बहस को फिर से छेड़ दिया है कि क्या यूरोपीय देश तालिबान सरकार को मान्यता देते हैं।

तालिबान के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शफीउल्लाह आजम ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि पश्चिमी अधिकारियों के साथ बैठकें ‘‘अफगान सरकार को वैध बनाने की ओर एक कदम हैं’’ और ‘‘इस प्रकार के निमंत्रण और संवाद से यूरोपीय समुदाय, अमेरिका और कई अन्य देशों से अफगान सरकार की गलत तस्वीर मिटाने में मदद मिलेगी।’’

यह बयान नॉर्वे सरकार को नाराज कर सकता है। इससे पहले, नॉर्वे की विदेश मंत्री एनीकेन हुइटफेल्ट ने इस बात पर जोर दिया था कि इस वार्ता का अर्थ ‘‘तालिबान को वैध बताना या मान्यता देना नहीं है।’’

तालिबान के साथ बैठक के विरोध में रविवार को करीब 200 प्रदर्शनकारी नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुए। तालिबान को किसी भी अन्य देश ने राजनयिक मान्यता नहीं दी है।

तालिबान के प्रतिनिधियों ने रविवार को कुछ महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार के हिमायतियों से मुलाकात की।

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