देश की खबरें | बिहार विद्यापीठ भूमि मामले में पटना उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका पर नामित पीठ करेगी सुनवाई

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नयी दिल्ली, 20 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने ‘बिहार विद्यापीठ’ की 32-एकड़ जमीन को लेकर पटना उच्च न्यायालय में चल रही कार्यवाही के खिलाफ अपील की सुनवाई के लिए पीठ तय कर दी है।

बिहार विद्यापीठ की यह जमीन राजधानी पटना के एक प्रमुख इलाके में वहां है, जहां कभी कांग्रेस कार्यालय ‘सदाकत आश्रम’ हुआ करता था।

‘बिहार विद्यापीठ’ की याचिका का विशेष उल्लेख आज एक बार फिर प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष किया गया और इस दौरान वकील शोएब आलम ने दलील दी कि शीर्ष अदालत में सुनवाई के बारे में उच्च न्यायालय को अवगत कराने के बावजूद उसने बुधवार को 22 पन्नों का आदेश जारी किया।

आलम ने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता हूं कि कानून के किस अधिकार क्षेत्र के तहत पीआईएल के मामले में यह सब हो रहा है।’’ इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैंने एक पीठ निर्धारित कर दी है। आप उच्च न्यायालय को इस बारे में अवगत करा दें।’’

इस बीच पटना उच्च न्यायालय ने इस मामले में शीर्ष अदालत के फैसले की प्रतीक्षा में जनहित याचिका की सुनवाई चार अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

बिहार विद्यापीठ महात्मा गांधी द्वारा छह फरवरी, 1921 को राज्य की राजधानी में गंगा के तट पर 32 एकड़ जमीन में स्थापित किया गया था और यहां दशकों से कांग्रेस पार्टी का कार्यालय 'सदाकत आश्रम' था।

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