विदेश की खबरें | भारत-बांग्लादेश सीमा पर उग्रवाद, तस्करी कतई बर्दाश्त नहीं : बीजीबी

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शिलॉन्ग, 29 नवंबर बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उग्रवादी गतिविधियों और हथियारों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी तथा मानव तस्करी को लेकर उसकी नीति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की रही है।

बीजीबी के अतिरिक्त महानिदेशक तनवीर गनी चौधरी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ यहां सोमवार को समाप्त हुए तीन दिवसीय कमांडर स्तर के सम्मेलन के दौरान यह बात कही। इस सम्मेलन में बीएसएफ के मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और सिलचर फ्रंटियर के महानिरीक्षकों ने भाग लिया।

चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम उग्रवादी गतिविधियों, हथियारों, विस्फोटकों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी एवं मानव तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं करते। सीमा संबंधी कुछ मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई है और सीमा पार से होने वाले अपराधों को रोकने के प्रयास किए जाएंगे।’’

दूसरी ओर, बीएसएफ ने ड्यूटी पर तैनात अपने कर्मियों और भारतीय आम नागरिकों पर बांग्लादेश के अपराधियों द्वारा किए गए हमलों को लेकर कड़ा विरोध जताया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले त्रिपुरा फ्रंटियर के बीएसएफ महानिरीक्षक एस के नाथ ने कहा, ‘‘सुरक्षा संबंधी मामलों पर चर्चा की गई और बांग्लादेश में शरण लेने वाले मेघालय और त्रिपुरा के उग्रवादी समूहों की एक सूची बीजीबी को सौंपी गई तथा उससे इन उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।’’

बीजीबी ने दावा किया कि बांग्लादेश में इस प्रकार के सशस्त्र समूहों का कोई स्थायी शिविर नहीं है, लेकिन उसने कहा कि इन उग्रवादियों ने पड़ोसी देश में उनसे सहानुभूति रखने वालों के पास संभवत: शरण ली होगी।

बैठक से संबंधित जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीजीबी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि भारत, खासकर मेघालय और त्रिपुरा के उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दोनों सीमा बलों ने चर्चा के एक संयुक्त रिकॉर्ड पर भी हस्ताक्षर किए, जिसमें घुसपैठ के अलावा मादक पदार्थों और मवेशियों की तस्करी जैसे सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए विस्तृत सहयोग करने और एक कार्ययोजना पर सहमति की बात की गई है।

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