नयी दिल्ली, छह अप्रैल लोकसभा में कुछ सदस्यों ने कोविड-19 के हथकरघा क्षेत्र पर पड़े प्रभावों की जानकारी मांगी और सरकार ने कहा कि महामारी का हथकरघा क्षेत्र पर पड़े प्रभाव का आकलन करने के लिये कोई विशेष अध्ययन नहीं किया गया है।
लोकसभा में चंद्रशेखर साहू और राहुल रमेश शेवाले के प्रश्न के लिखित उत्तर में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी। सदस्यों ने पूछा था कि क्या देश में हथकरघा क्षेत्र पर कोविड-19 वैश्विक महामारी का लगातार दूसरे वर्ष भी प्रभाव पड़ा है और अगर प्रभाव पड़ा है तब इसका ब्यौरा क्या है?
वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि देश मे कहीं भी सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के हथकरघा क्षेत्र पर पड़े प्रभाव का आकलन करने के लिये कोई विशेष अध्ययन नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हथकरघा क्षेत्र से संबंधित ऐसे आंकड़े बिखरे हुए हैं और केंद्रीय रूप से मात्रा निर्धारण के लिये बड़े पैमाने पर अनुपलब्ध हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी के प्रभावों को कम करने के लिए और देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिये वर्ष 2020 में एक विशेष आर्थिक पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों के लिये राहत एवं ऋण सहायता उपायों की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि पात्र बुनकरों एवं हथकरघा संगठनों को अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिये इन राहत एवं ऋण सहायता उपायों का लाभ उपलब्ध कराया गया है।
गोयल ने कहा कि हथकरघा बुनकरों की सहायता के लिये वर्ष 2020 में ‘हैशटैग वोकल4हैंडमेड’ और ‘हैशटैग माय हैंडलूम माय प्राइड’ के तहत सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किये गए।
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