ताजा खबरें | एनएसओ नाम के किसी ग्रुप को प्रतिबंधित करने का कोई प्रस्ताव नहीं: चंद्रशेखर

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि एनएसओ नाम के किसी ग्रुप को प्रतिबंधित करने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है और ना ही उसे इस बात की जानकारी है कि अमेरिका ने उसे काली सूची में डाला है या नहीं।

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि एनएसओ नाम के किसी ग्रुप को प्रतिबंधित करने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है और ना ही उसे इस बात की जानकारी है कि अमेरिका ने उसे काली सूची में डाला है या नहीं।

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना व प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखिज जवाब में यह जानकारी दी।

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत में एनएसओ ग्रुप पर प्रतिबंध लगा दिया है, चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘जी, नहीं। एनएसओ ग्रुप नाम के किसी ग्रुप को प्रतिबंधित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’’

उनसे जब यह पूछा गया कि क्या अमेरिका ने पेगासस स्पाइवेयर प्रदान करने के लिए एनएसओ ग्रुप और कैंडिरू को काली सूची में डाल दिया है, जिसका उपयोग पत्रकारों, दूतावास के कार्यकर्ताओं और कार्यकर्ताओं को दुर्भावनापूर्ण रूप से निशाना बनाए जाने के लिए किया गया है, तो केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मंत्रालय में इस तरह की कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।’’

ज्ञात हो कि इस साल की शुरुआत में भारत में पेगासस स्पाईवेयर सुर्खियों में रहा। विपक्षी दलों दावा किया था कि भारत में इसके जरिए कई पत्रकारों और चर्चित हस्तियों के फोन की जासूसी की गई। पेगासस को इजरायल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने तैयार किया है।

विवाद बढ़ने के बाद यह मामला उच्चतम न्यायालय में गया और उसने इस मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित की थी।

अदालत ने कहा था कि सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की दुहाई देने मात्र से न्यायालय ‘‘मूक दर्शक’’ बना नहीं रह सकता। उसने केंद्र का स्वयं विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि ऐसा करना पूर्वाग्रह के खिलाफ स्थापित न्यायिक सिद्धांत का उल्लंघन होगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग की बढ़ती घटनाओं और अपराधियों व राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा प्रयोक्ताओं को पहंचाए जाने वाले नुकसान के

परिणामस्वरूप उत्पन्न हए जोखिम और खतरे से भलीभांति परिचित है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग की चुनौतियों से निपटने के लिए उचित कदम उठाए हैं।’’

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