विदेश की खबरें | परमाणु चेतावनी स्तर को बदलने की कोई जरूरत नहीं दिखती: नाटो

गठबंधन के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा के साथ यूरोपीय सुरक्षा पर बातचीत के बाद एसोसिएटेड प्रेस से बात की। वे मध्य पोलैंड के लस्क में एक एअर बेस पर मिले जहाँ नाटो के पोलैंड और अमेरिका के एफ-15 तथा एफ-16 लड़ाकू जेट विमान मौजूद हैं।

स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, "हम हमेशा वही करेंगे जो हमारे सहयोगियों की रक्षा और बचाव के लिए आवश्यक है, लेकिन हमें नहीं लगता कि नाटो के परमाणु बलों के चेतावनी स्तर को बदलने की कोई आवश्यकता है।"

क्रेमलिन ने परमाणु युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सप्ताहांत के आदेश के बाद उसके भूमि, वायु और समुद्री परमाणु बल हाई अलर्ट पर हैं। नाटो के पास स्वयं कोई परमाणु अस्त्र नहीं है, लेकिन इसके तीन सदस्यों-अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के पास परमाणु अस्त्रों का भंडार है।

बेस के एक हैंगर में खड़े स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, "हम दृढ़ता से मानते हैं कि जिस तरह से रूस परमाणु हथियारों के बारे में बात कर रहा है, वह लापरवाह और गैर-जिम्मेदार है।"

स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि रूस ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, यह मानते हुए कि परमाणु युद्ध नहीं जीता जा सकता है और न ही लड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस से "हमलों को रोकने और अपने सभी बलों को वापस बुलाने तथा कूटनीतिक प्रयासों में अच्छे विश्वास के साथ बात करने" का आह्वान किया।

यूक्रेन और रूस के सरकारी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दक्षिण-पूर्वी बेलारूस में वार्ता के लिए मिले थे, लेकिन परिणाम तुरंत नहीं निकल सका।

अमेरिका ने हाल में नाटो क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में 5,000 अतिरिक्त सैनिकों की कुमुक भेजी है।

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