नयी दिल्ली, दो फरवरी भारतीय बीज उद्योग संघ (एफएसआईआई) के महानिदेशक राम कौंडिन्य का कहना है कि आम बजट 2023-24 में बीज उद्योग संबंधी मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन सामूहिक रूप से कृषि के लिए कई अन्य सकारात्मक घोषणाएं की गई हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट पेश किया था।
कौंडिन्य ने बृहस्पतिवार को बयान दिया, “हम इससे निराश हैं कि बीज संबंधी शोध और प्रौद्योगिकी बढ़ाने में सहयोग देने के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है।”
एफएसआईआई ने बीज उद्योग के अनुसंधान व्यय की 200 प्रतिशत आयकर कटौती की बहाली के लिए कहा था।
कौंडिन्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, नए उभरते कीट और रोग तथा स्थिर उपज जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए निजी उद्योग द्वारा अनुसंधान निवेश को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “हम ऐसे निवेश में कुछ प्रोस्ताहन की उम्मीद कर रहे थे, जो नहीं हुआ।”
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