भारत में उपलब्ध वैक्सीन कोरोना के ओमिक्रॉन वेरियंट पर असरदार नहीं होने के कोई प्रमाण नहीं: केंद्र

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिसके आधार पर कहा जा सके कि फिलहाल उपलब्ध टीके कोरोना वायरस के नए संक्रमण ‘ओमीक्रोन’ पर काम नहीं करते. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि हालांकि वायरस में हुए कुछ उत्परिवर्तन वर्तमान टीकों के प्रभाव को थोड़ा कम कर सकते हैं.

कोरोना वैक्सीन (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिसके आधार पर कहा जा सके कि फिलहाल उपलब्ध टीके कोरोना वायरस के नए संक्रमण ‘ओमीक्रोन’ (Omicron) पर काम नहीं करते. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि हालांकि वायरस में हुए कुछ उत्परिवर्तन वर्तमान टीकों के प्रभाव को थोड़ा कम कर सकते हैं. मांडविया ने कहा ‘‘ओमीक्रोन के संबंध में उपलब्ध आंकड़े सीमित हैं और टीकों के प्रभाव को लेकर कोई समीक्षा भी नहीं की गई है.’’

उनसे पूछा गया था कि देश में लोगों को दिए जा रहे टीके क्या कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने में कारगर हैं? दिल्ली में ओमीक्रोन के मामलों की संख्या बढ़कर 54 हुई : सरकारी आंकड़े

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा ‘‘टीकों के जरिये सुरक्षा का कारण एंटीबॉडी और कोशिकाओं की प्रतिरोधक क्षमता भी होती है और समझा जाता है कि इनका बेहतर तरीके से संरक्षण होता है. इसलिए अब भी गंभीर बीमारी के खिलाफ सुरक्षा के लिए टीके को उपयोगी माना जाता है तथा उपलब्ध टीकों के जरिये टीकाकरण महत्वपूर्ण है.’’

विभिन्न देशों में ओमीक्रोन के मामलों में वृद्धि की खबर फैलने के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में मांडविया ने बताया कि यात्रा संबंधी वर्तमान दिशा-निर्देशों की, खतरे को देखते हुए समीक्षा करने के बाद 28 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन के बारे में नियम जारी किए गए और इनमें दो दिन बाद संशोधन भी किया गया.

दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोविड महामारी और ओमीक्रोन के मामलों के आधार पर देशों को फिर से ‘‘जोखिम वाले देशों’’ की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया. समय समय पर यह सूची अद्यतन की जाती है. ‘‘जोखिम’’वाली श्रेणी में शामिल दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों को आगमन के साथ ही आरटी-पीसीआर के जरिये कोविड जांच करानी होती है और सात दिन के लिए घर पर अनिवार्यरूप से पृथक-वास में रहना होता है.

उन्होंने बताया कि भारत आगमन के आठ दिन बाद यात्री को पुन: आरटी-पीसीआर जांच करानी होती है. इसके अलावा ‘‘गैर जोखिम’’ वाली श्रेणी के देशों से आने वाले यात्रियों में से कोई दो फीसदी यात्रियों की कोविड जांच की जाती है.

मांडविया ने बताया कि संक्रमित पाए गए लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाते हैं. उन्होंने बताया कि राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर नजर रखने सहित विभिन्न निर्देश दिए गए हैं ताकि ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

New Zealand vs India, 2nd T20I Match Scorecard: क्राइस्टचर्च में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से रौंदा, सीरीज में 2-0 की बनाई बढ़त; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

New Zealand vs India, 2nd T20I Match Scorecard: क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया के सामने 181 रनों का लक्ष्य रखा, ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने खेली शानदार पारियां; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

New Zealand vs India, 2nd T20I Match Live Score Update: क्राइस्टचर्च में टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है सीरीज का दूसरा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

India vs New Zealand 2nd T20I Live Toss And Scorecard: क्राइस्टचर्च में टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड