देश की खबरें | आतंकवाद से संबंधित मामले की जांच कर रहे एनआईए अधिकारियों ने कांग्रेस नेता से पूछताछ की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ‘शिवमोगा इस्लामिक स्टेट’ षड्यंत्र मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अधिकारियों ने बुधवार को पूर्व मंत्री किम्मने रत्नाकर से पूछताछ की। रत्नाकर ने बताया कि उनसे शिवमोगा जिले के तीर्थहल्ली में स्थित कांग्रेस कार्यालय के सिलसिले में पूछताछ की गई जिसे किराए पर लिया गया था।
बेंगलुरु, 11 जनवरी ‘शिवमोगा इस्लामिक स्टेट’ षड्यंत्र मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अधिकारियों ने बुधवार को पूर्व मंत्री किम्मने रत्नाकर से पूछताछ की। रत्नाकर ने बताया कि उनसे शिवमोगा जिले के तीर्थहल्ली में स्थित कांग्रेस कार्यालय के सिलसिले में पूछताछ की गई जिसे किराए पर लिया गया था।
तीर्थहल्ली से पूर्व विधायक रत्नाकर ने कहा कि अधिकारी कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और उनसे पूछा कि पार्टी ने इमारत के मालिक हाशिम से इसको किराए पर कैसे लिया।
कांग्रेस नेता एक वीडियो संदेश में कहा, “उन्होंने (एनआईए) ने मुझसे पूछा कि मैने (कांग्रेस) कार्यालय की इमारत किराए पर कब ली थी। मैंने उन्हें बताया है कि हमने हाशिम को 10 लाख रुपये देकर साल 2015 में इसे किराए पर लिया था। हमने दिसंबर तक प्रतिमाह एक हजार रुपये का भुगतान किया।”
रत्नाकर ने कहा, “हमने उन्हें यह भी बताया कि जिस दिन वह (हाशिम) 10 लाख रुपए लौटा देंगे, इमारत खाली कर दी जाएगी। हाशिम से हमारा संबंध मालिक और किराएदार की तरह है। पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं है।”
उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस कार्यालय में एनआईए अधिकारियों के पहुंचने के बारे में झूठी सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
इस मामले में शारिक नामक व्यक्ति के करीबी छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शारिक को हाल में मंगलुरु में एक ऑटोरिक्शा में कुकर बम विस्फोट के बाद गिरफ्तार किया गया था। वह तीर्थहल्ली का रहने वाला है।
शिवमोगा आतंकी मॉड्यूल ने पिछले साल तुंगा नदी के तट पर कथित तौर पर एक परीक्षण विस्फोट किया था। पिछले साल कुछ हिंदू दक्षिणपंथी सदस्यों ने शिवमोगा शहर में एक सार्वजनिक स्थान पर हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर लगा दी थी। इसके खिलाफ 15 अगस्त को उग्र भीड़ ने एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था। तब शिवमोगा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था।
एनआईए के सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई और उनके मोबाइल फोन की जांच की गई, तो पता चला कि वे आईएस से प्रेरित थे और कर्नाटक तथा देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाना चाहते थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)