देश की खबरें | एनआईए ने मंगलुरु प्रेशर कुकर विस्फोट मामले में आरोपपत्र दाखिल किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले साल कर्नाटक के मंगलुरु में इस्लामिक स्टेट प्रायोजित प्रेशर कुकर विस्फोट मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के खिलाफ बुधवार को आरोप पत्र दाखिल किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
नयी दिल्ली, 29 नवंबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले साल कर्नाटक के मंगलुरु में इस्लामिक स्टेट प्रायोजित प्रेशर कुकर विस्फोट मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के खिलाफ बुधवार को आरोप पत्र दाखिल किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि मोहम्मद शरीक और सैयद शरीक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि मोहम्मद शरीक प्रेशर कुकर आईईडी एक ऑटोरिक्शा में ले जा रहा था और उसने कथित तौर पर हिंदू समुदाय के बीच आतंक उत्पन्न करने के उद्देश्य से उसे मंगलुरु के कादरी मंजुनाथ मंदिर में लगाने की योजना बनाई थी। प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि कम तीव्रता वाले बम में 19 नवंबर, 2022 को रास्ते में ही विस्फोट हो गया।
अधिकारी ने बताया कि 23 नवंबर, 2022 को मामला दर्ज किया गया था और मोहम्मद शरीक और सह-आरोपी सैयद शरीक को एनआईए ने जुलाई में गिरफ्तार किया था।
प्रवक्ता ने कहा कि जांच के अनुसार दोनों ने एक ऑनलाइन आका के साथ मिलकर शरिया कानून लागू करने की साजिश के तहत विस्फोट की योजना बनाई थी।
अधिकारी ने कहा कि साजिश के तहत मोहम्मद शरीक ने प्रेशर कुकर आईईडी तैयार किया और एक अन्य आरोपी सैयद यासीन ने सामग्री सहायता प्रदान की।
अधिकारी ने कहा कि मोहम्मद शरीक पहली बार नवंबर 2020 में सुरक्षा बलों के निशाने पर आया जब उसे मंगलुरु शहर में आतंकवाद समर्थक भित्तिचित्र बनाने के लिए कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। प्रवक्ता ने बताया कि उसने और उसके सहयोगियों ने वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के समर्थन में भित्तिचित्र बनाये थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद मोहम्मद शरीक का नाम 2022 के शिवमोगा इस्लामिक स्टेट साजिश मामले में भी आया, जिसमें अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 10 व्यक्तियों में से नौ - जिनमें मोहम्मद शरीक और सैयद यासीन शामिल हैं - के खिलाफ मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने, धन जुटाने और इस्लामिक स्टेट की भारत विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए परीक्षण विस्फोट करने के आरोप में 30 जून को आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
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