नयी दिल्ली, 25 जून राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गाजियाबाद में मांस प्रसंस्करण इकाई का फिर से निरीक्षण करने का एक समिति को बृहस्पतिवार को आदेश दिया। आरोप है कि यह इकाई इलाके में भूजल को प्रदूषित कर रही है।
एनजीटी के प्रमुख न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों वाली समिति से कहा कि इकाई का निरीक्षण किया जाए और 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश की जाए।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अधिकरण को बताया कि इंटरनेशल एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटिड की मांस प्रसंस्करण इकाई में कुछ खामिया हैं और कंपनी को सुनिश्चित करना चाहिए कि इस्तेमाल किए गए गंदे पानी को संशोधित करके ही छोड़ा जाए। इसके बाद अधिकरण ने यह आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वकील ने कहा कि इकाई का निरीक्षण तब किया गया था जब यह 50 फीसदी क्षमता के साथ काम कर रही थी। इसलिए जब इकाई पूरी तरह से काम करेगी तो पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन की स्थिति का पता लगाने के लिए निरीक्षण जरूरी है।
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अधिकरण ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कथन का संज्ञान लेते हुए कहा कि संयुक्त समिति 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करे।
एनजीटी गाजियाबाद निवासी मोहम्मद रशीद ठाकुर की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने अपनी याचिका पर आरोप लगाया है कि इकाई गंदा पानी छोड़ रही है जो भू जल को प्रभावित कर रहा है।
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