देश की खबरें | एनजीटी ने फतेहपुर के जिलाधिकारी को अवैध बालू खनन रोकने का निर्देश दिया
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नयी दिल्ली, 19 जून राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के जिलाधिकारी को जिले में अवैध बालू खनन पर रोक लगाने और उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि अब भी संपोषणीय खनन प्रबंधन दिशानिर्देश, 2016 और उत्तर प्रदेश खनन नियमावली, 1963 का उल्लंघन करके भारी मशीनों की मदद से अवैध खनन किया जा रहा है। अधिकरण ने कहा कि अवैध खनन की तस्वीरें कैद करने के लिए सीसीटीवी कैमरे उपयुक्त ढंग से नहीं लगाये गये हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘ उपरोक्त के मद्देनजर हम फतेहपुर के जिलाधिकारी को कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए जरूरी उपचारात्मक कदम उठाने का निर्देश देते हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि पुनर्भरण अध्ययन समेत संपोषणीय बालू खनन दिशानिर्देश के मुताबिक खनन हो।’’
पीठ ने कहा , ‘‘ उल्लंघनों को लेकर उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए क्षतिपूर्ति वसूलने की जरूरत है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि यदि उल्लंघन पाया गया तो हमारे पास शायद फतेहपुर के जिलाधिकारी को पेश होने और कानून के नियम का अनुपालन नहीं होने को लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगने के सिवाय और कोई विकल्प न हो।’’
एनजीटी उत्तर प्रदेश के निवासी विकास पांडे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पांडे ने अधिकरण से फतेहपुर के जिलाधिकारी को जिले में अवैध खनन के विरूद्ध आने वाली शिकायतों पर विचार करने और उपचारात्मक कदम उठाने को लेकर एनजीटी द्वारा दिये गये आदेश के क्रियान्वयन की मांग की है।
एनजीटी ने इससे पहले तीन महीने में क्षतिपूर्ति का आकलन करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फतेहपुर के जिलाधिकारी को मिलाकर एक समिति बनायी थी।
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