देश की खबरें | नये छात्रावास का नामकरण सावरकर नहीं बल्कि साहू महाराज के नाम पर हो : छात्र संघ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन नये छात्रावास का नामकरण विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर करने की महाराष्ट्र के राज्यपाल बी. एस. कोश्यारी की सिफारिश का कम से कम दो छात्र संगठनों ने विरोध किया है।

मुंबई, 13 जुलाई मुंबई विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन नये छात्रावास का नामकरण विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर करने की महाराष्ट्र के राज्यपाल बी. एस. कोश्यारी की सिफारिश का कम से कम दो छात्र संगठनों ने विरोध किया है।

छात्र संघों... छात्र भारती विद्यार्थी संगठन और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन.. ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बन रहे छात्रावास का नामकरण छत्रपति साहू महाराज के नाम पर किया जाए जिन्होंने 19वीं सदी में विभिन्न जातियों के छात्रों के बीच शिक्षा को बढ़ावा दिया था।

गौरतलब है कि राज्यपाल कोश्यारी ने मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति से पिछले सप्ताह कहा था कि वह परिसर में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बन रहे नये छात्रावास का नामकरण वीर सावरकर के नाम पर करें।

छात्र भारती विद्यार्थी संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष रोहित धाले ने कहा, ‘‘यह छत्रपति साहू महाराज की जन्मशती है, जिन्होंने सभी जाति के छात्रों के लिए छात्रावास बनाने की शुरूआत की। उन्होंने अपने पैसों से उनकी शिक्षा की व्यवस्था की। उनका निधन मुंबई में हुआ। मुझे लगता है कि नये छात्रावास का नामकरण उनके नाम पर करने का यह सही समय है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल की सिफारिश के विरोध में विभिन्न छात्र संघों से समर्थन की अपील की गई है।

धाले ने कहा, ‘‘हमारी मांग का समर्थन करने की अपील करते हुए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स यूनियन को पत्र लिखा है और विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में स्थित नये छात्रावास के बाहर बैठक बुलायी है।’’

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की मुंबई इकाई के सचिव आमिर काजी ने आरोप लगाया कि नये छात्रावास का नामकरण सावरकर के नाम पर करने की सिफारिश के पीछे ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडा को बढ़ावा’ देने की मंशा है।

उन्होंने कहा कि छात्रावास का नामकरण साहू महाराज के नाम पर करना ‘उचित विकल्प है।’’

वहीं, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के महासचिव सचिव सावंत ने भी छात्रों की मांग का समर्थन किया है।

उन्होंने ट्वीट किया है, ‘‘छात्रों की मांग न्यायसंगत और उचित है। मुंबई विश्वविद्यालय को इसे मान लेना चाहिए। साहू महाराज समानता पर आधारित प्रगतिशील विचारधारा के संस्थापकों में से एक हैं जिन्होंने सभी जाति-नस्ल के छात्रों के लिए शिक्षा की वकालत की थी।’’

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