खेल की खबरें | भारत के सामने महिला एफआईएच प्रो लीग मैच में नीदरलैंड की कड़ी चुनौती
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारतीय महिला हॉकी टीम सोमवार को यहां एफआईएच प्रो लीग के मैच में जब मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो उसकी कोशिश खेल में आयी गिरावट से निपटने के साथ जीत की लय को बरकरार रखने की होगी।
भुवनेश्वर, 23 फरवरी भारतीय महिला हॉकी टीम सोमवार को यहां एफआईएच प्रो लीग के मैच में जब मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो उसकी कोशिश खेल में आयी गिरावट से निपटने के साथ जीत की लय को बरकरार रखने की होगी।
भारत का घरेलू चरण अब तक टीम की योजना के मुताबिक नहीं रहा है। टीम फिलहाल छह मैचों में सात अंकों के साथ सातवें स्थान पर है।
भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड पर 3-2 की रोमांचक जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे मैच में शूट-आउट में इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
स्पेन के खिलाफ मेजबान टीम जीत के करीब थी लेकिन उसे लगातार मैचों में हार का सामना करना पड़ा। टीम को पहले मुकाबले में 3-4 जबकि दूसरे में 0-1 से शिकस्त मिली।
जर्मनी के खिलाफ भारत को शुरुआती मुकाबले में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा लेकिन टीम ने दूसरे चरण में 1-0 से जीत हासिल कर अच्छी वापसी की।
टीम निराशाजनक प्रदर्शन को भुलाकर पिछले मैच में जर्मनी पर मिली जीत की लय को आगे बढ़ाना चाहेगी और उम्मीद करेगी कि नीदरलैंड अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन न करें।
नीदरलैंड की टीम शानदार लय में है और उसने अपने पिछले दो मैचों में इंग्लैंड को 5-1 और 6-0 से हराया है। टीम अपने छह मैचों में पांच जीत और एक हार से 15 अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं।
टीम इस प्रतियोगिता में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखने के लिए उत्सुक होंगी।
भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने भी माना की नीदरलैंउ की चुनौती से निपटना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि टीम घरेलू चरण का अंत जीत के साथ करने के लिए पूरा जोर लगायेगी।
सलीमा ने कहा, ‘‘नीदरलैंड दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है और हम जानते हैं कि यह एक कठिन मैच होने वाला है। हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने और टूर्नामेंट के भारतीय चरण को शानदार तरीके से खत्म करने के लिए प्रेरित हैं। जर्मनी के खिलाफ हमारी जीत ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है और हमने अपनी कमजोरियों को सुधारने पर काम किया है।’’
भारत और नीदरलैंड ने 2013 के बाद से सात बार एक-दूसरे का सामना किया है। इसमें यूरोप की मजबूत टीम ने पांच मैच जीते है जबकि भारत को सिर्फ एक सफलता मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों टीमों के बीच खेले गए मैचों के रिकॉर्ड यह बताते हैं कि नीदरलैंड ने हम पर दबदबा कायम किया है लेकिन हमें चीजों को बदलने की उम्मीद है। टीम के लिए हर मुकाबला सुधार करने का एक मौका है। ऐसे में हम अपनी सर्वश्रेष्ठ हॉकी खेलना चाहेंगे। हमें अपनी क्षमता पर भरोसा है और हम उन्हें चुनौती देने के लिए पूरा जोर लगायेंगे।
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