विदेश की खबरें | नवाज शरीफ स्वदेश वापसी को लेकर रोमांचित
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लाहौर/लंदन, 19 सितंबर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि चार साल के ‘स्वनिर्वासन’ को खत्म कर आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की अगुवाई करने के लिए 21 अक्टूबर को स्वदेश वापसी को लेकर वह ‘रोमांचित’ हैं।

डॉन न्यूज के अनुसार पाकिस्तान मुस्लिम लीग -नवाज (पीएमएल-एन) की एक ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए पीएमएल -एन के सर्वोच्च नेता (शरीफ) ने यह भी कहा कि यदि पीएमएल-एन की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार ने गड़बड़ी से देश को नहीं ‘बचाया’ होता तो फिलहाल पेट्रोल की जो कीमत 330 रुपये प्रति लीटर है वह 1000 रुपये प्रति लीटर होती।

दहाई अंक में मुद्रास्फीति के पहुंच जाने के बीच पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल के दामों में फिर वृद्धि की थी और उसे 330 रुपये लीटर कर दिया। उसके तत्काल बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और उसे कानूनी चुनौती भी दी गयी।

शरीफ ने मरियम नवाज, हमजा शहबाज, एहसान इकबाल , परवेज राशिद, खुर्रम दस्तगीर, मरियम औरंगजेब, आजमा बोखारी और राणा सनाउल्लाह समेत वरिष्ठ पीएमएल-एन नेताओं से कहा कि वह देश वापसी को लेकर ‘रोमांचित एवं खुश’ हैं।

2017 के सैन्य एवं न्यायिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाते हुए पीएमएल-एन सुप्रीमो ने कहा कि लोगों को पता होना चाहिए कि उनके दुख-दर्द का असली गुनाहगार कौन हैं।

शरीफ (73) ने अपने भावुक संबोधन में कहा, ‘‘ जिस व्यक्ति (नवाज) ने देश को बिजली की लोडशेडिंग से मुक्ति दिलायी उसे चार न्यायाधीशों ने घर भेज दिया।’’

उन्होंने कहा कि सत्ता से उनकी बेदखली के पीछे पूर्व सेना प्रमुख (सेवानिवृत) कमर जावेद बाजवा और इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस के पूर्व प्रमुख (सेवानिवृत) फैज हामिद थे।

शरीफ ने कहा , ‘‘ (पूर्व) प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार और आसिफ सईद खोसा (पूर्व सेना प्रमुख और उनके खुफिया प्रमख) के हाथों के औजार थे। उनका गुनाह हत्या के अपराध से अधिक बड़ा है। उन्हें माफ कर देना राष्ट्र के साथ नाइंसाफी होगी। वे क्षमाधान के हकदार नहीं हैं।’’

पीएमएल-एन के सर्वोच्च नेता ने प्रण लिया, ‘‘ पाकिस्तान के लोगों पर आर्थिक मुसीबतों का पहाड़ ढहा देने वाले इन किरदारों को जवाबदेही का सामना करना ही होगा।’’

पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान को सत्ता से हटाने के बाद 16 महीने की सरकार बनाने के पीएमएल-एन के फैसले का बचाव करते हुए शरीफ ने दावा किया कि यदि पीएमएल-एन की अगुवाई वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने देश को गड़बड़ी से बचाया नहीं होता तो पेट्रोल प्रति लीटर 1000 रुपये होता।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने गड़बड़ी से देश को बचाने के लिए अपनी राजनीतिक पूंजी दांव पर लगा दी । असल में हमने गड़बड़ी से पाकिस्तान को बचाने की कीमत भी चुकायी। लेकिन मैं लिखित में दे सकता हूं कि चुनाव में हम जीतेंगे।’’

2017 में सत्ता में रहने का जिक्र करते हुए शरीफ ने कहा कि तब सस्ता आटा, घी और चीनी उपलब्ध थे और आज गरीबों का भारी बिजली बिल आ रहा है और उन्हें मालूम नहीं है कि कैसे इस बिल का भुगतान किया जाए।

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