देश की खबरें | राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य राष्ट्र को समृद्ध बनाना: मुख्यमंत्री योगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि समर्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए पोषण आवश्यक है और महिलाओं तथा बच्चों के पोषण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, चार सितम्बर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि समर्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए पोषण आवश्यक है और महिलाओं तथा बच्चों के पोषण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या के समाधान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष ध्यान है। इसके दृष्टिगत ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ संचालित किया जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य राष्ट्र को समृद्ध बनाना है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को यहां लोक भवन में ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के सम्बन्ध में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे ।

मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि पोषण के स्तर को बेहतर करने के लिए कुपोषित परिवारों, जिनके पास गाय रखने का स्थान उपलब्ध हो तथा गौ-पालन के इच्छुक हों, उन्हें निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों से गाय उपलब्ध करायी जाए।

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उन्होंने कहा कि गाय के भरण-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिमाह 900 रुपये भी प्रदान किये जाएं। यह व्यवस्था पहले से संचालित ‘ मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना’ के अन्तर्गत की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को अच्छे से अच्छा पोषण उपलब्ध कराने के लिए ‘किचन गार्डन’ विकसित करने की खातिर प्रोत्साहित किया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करके उन्हें समय से पोषण सम्बन्धी सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। बच्चों के साथ कुपोषित मां को भी चिन्हित कर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। कुपोषित परिवारों के बेरोजगार लोगों को राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाए। ।

उन्होंने कहा कि कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों को प्रभावित लोगों तक बेहतर ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह की सफलता के लिए इसे जन-आन्दोलन बनाना पड़ेगा। कुपोषण से होने वाले नुकसान एवं केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जन-जागरूकता पैदा करनी पड़ेगी। इस कार्यक्रम में सभी सम्बन्धित विभागों यथा स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान आदि को सहयोग करना होगा। पोषण कार्यक्रम के साथ ही टीकाकरण कार्यक्रम को भी समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए। इन कार्यक्रमों का लाभ बालकों एवं बालिकाओं को बिना भेदभाव के उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में भी जागरूकता पैदा की जानी चाहिए।

जफर

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