विदेश की खबरें | सीरिया में राष्ट्रीय संवाद सम्मेलन आयोजित किया गया, देश को फिर से खड़ा करने के तरीकों पर चर्चा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पूर्व इस्लामी चरमपंथी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में नए शासकों ने दमिश्क में राष्ट्रपति आवास पर आयोजित सम्मेलन में पूरे सीरिया से लगभग 600 लोगों को आमंत्रित किया था।

अंतरिम राष्ट्रपति अहमद-अल शरा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जिस तरह सीरिया ने खुद ही खुद को आजाद कराया है, उसे देखते हुए यह कहना सही होगा कि यह खुद ही खुद को खड़ा कर लेगा।”

उन्होंने कहा, “यह एक असाधारण और दुर्लभ ऐतिहासिक अवसर है। हमें अपने लोगों और अपने राष्ट्र के हितों की सेवा करने तथा अपने बच्चों के बलिदानों का सम्मान करने के लिए हर क्षण का उपयोग करना चाहिए।”

सीरिया के नए शासकों ने समावेशी राजनीतिक परिवर्तन का वादा किया है।

दमिश्क सम्मेलन के आयोजकों ने कहा कि सीरिया के सभी समुदायों को आमंत्रित किया गया। सम्मेलन में महिलाएं और अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों के सदस्य भी शामिल हुए।

गैर-सरकारी संगठनों और सिविल सोसाइटी के लिए सम्मेलन में भाग लेने वालीं सनाबल मरांदी ने कहा, "बिना किसी डर के प्रस्ताव रखे गए और हमने अपनी राय व्यक्त की।"

उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में की गईं सिफारिशों पर अमल किया जाएगा।

मंगलवार को समापन सत्र में सम्मेलन आयोजन समिति की सदस्य हुदा अत्तासी ने एक वक्तव्य दिया जिसमें सम्मेलन के दौरान की गईं सिफारिशों के बारे में जानकारी दी गई।

बयान में देश के नेताओं से कहा गया है कि वे नया संविधान बनाने की प्रक्रिया और नए चुनाव होने तक संसद की भूमिका निभाने के लिए "अंतरिम विधान परिषद के गठन में तेजी लाएं।”

अल-शरा ने पहले कहा था कि चुनाव कराने में चार साल तक का समय लग सकता है।

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