देश की खबरें | नगालैंड विस अध्यक्ष ने सात विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग वाली याचिका खारिज की
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कोहिमा, 14 जुलाई नगालैंड विधानसभा के अध्यक्ष शरिंगेन लॉन्गकुमेर ने सात विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग करने वाली, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की एक याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया।
एनपीएफ ने पार्टी निर्णय के खिलाफ जाने और पिछले वर्ष राज्य से लोकसभा की एकमात्र सीट के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन करने के लिए अपने सात बागी विधायकों के खिलाफ उन्हें अयोग्य ठहराये जाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
एनपीएफ ने सात बागी विधायकों पर स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ने का भी आरोप लगाया था।
पार्टी ने जिन विधायकों के खिलाफ 24 अप्रैल, 2019 को याचिका दायर की थी उनमें ई ई पेंगतिआंग, ईशाक कोन्याक, केजोंग चांग, बी एस नगनलांग फोम, तोयांग चांगकोंग चांग, एन थोंगगान कोन्याक और सी एल जॉन शामिल हैं।
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अपने आदेश में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ यह मानने के लिए कोई पर्याप्त आधार नहीं है कि प्रतिवादियों ने स्वेच्छा से मूल राजनीतिक पार्टी, यानी एनपीएफ की सदस्यता छोड़ दी थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए प्रतिवादी (बागी विधायक) दसवीं अनुसूची के पैरा 2 (1) (ए) के तहत अयोग्य घोषित करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।’’
विधानसभा में विपक्षी पार्टी एनपीएफ के सदन में इन सात विधायकों समेत कुल 25 विधायक हैं।
दो सदस्यों की मौत के बाद नगालैंड विधानसभा में अभी 58 सदस्य हैं।
सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक एलायंस (पीडीए) के पास 33 विधायकों का समर्थन हासिल है जिनमें एनडीपीपी के 20, भाजपा के 12 और एक निर्दलीय शामिल हैं।
याचिका पर विधानसभा द्वारा आदेश देने में विलंब करने के बाद एनपीएफ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय की कोहिमा पीठ का रूख किया था। उच्च न्यायालय ने दो जून को अध्यक्ष को छह सप्ताह के भीतर मामले को निपटाने का निर्देश दिया था।
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