विदेश की खबरें | एनएबी अल-कादिर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के 22 कैबिनेट सदस्यों की जांच करेगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, पांच जून पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कैबिनेट के 22 सदस्यों द्वारा बेचे और खरीदे गए वाहनों का ब्योरा मांगा है। मीडिया की एक खबर में सोमवार को यह जानकारी सामने आई।

‘डॉन न्यूज’ ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने पंजाब उत्पाद और कराधान विभाग से अल-कादिर ट्रस्ट मामले की जांच के तहत पूर्व कैबिनेट सदस्यों के नाम से पंजीकृत वाहनों का विवरण प्रदान करने के लिए कहा है।

असद उमर, शिरीन मजारी, परवेज खट्टक, फवाद चौधरी, हम्माद अजहर, आजम खान स्वाति, शेख राशिद अहमद और बाबर अवान समेत पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े कुछ पूर्व कैबिनेट सदस्यों ने नौ मई की हिंसा के बाद पार्टी छोड़ दी है।

भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने प्रांतीय उत्पाद शुल्क विभाग को एक पत्र जारी किया, जिसमें बताया गया कि एनएबी, रावलपिंडी राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश, 1999 के प्रावधानों के तहत भ्रष्टाचार के आरोपों पर 22 पूर्व कैबिनेट सदस्यों के खिलाफ जांच कर रहा है।

एनएबी के प्रवक्ता काशिफ जमान ने कहा कि पत्र कुछ दिन पहले जारी किया गया था लेकिन सटीक तारीख नहीं बताई।

नौ मई को, एनएबी ने खान को भूमि के कथित अवैध कब्जे और अल-कादिर विश्वविद्यालय के निर्माण तथा रियल एस्टेट कारोबारी और बहरिया टाउन के मालिक, मलिक रियाज को फायदा पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया था।

खान की गिरफ्तारी के बाद देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

एनएबी ने सात जून को खान की पत्नी बुशरा बीबी को ‘‘एक गवाह के रूप में पेशी के लिए तलब किया है। खान 23 मई को एनएबी के रावलपिंडी कार्यालय में जांच दल के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई।

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