देश की खबरें | कानपुर देहात की दुखद घटना के बाद मेरा चरित्र हनन किया गया: जिलाधिकारी नेहा जैन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कानपुर देहात जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक महिला और उसकी बेटी की मौत के कुछ दिनों बाद जिलाधिकारी नेहा जैन ने शुक्रवार को कहा कि दुखद घटना के बाद उनका चरित्र हनन किया जा रहा है।
कानपुर (उप्र), 17 फरवरी कानपुर देहात जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक महिला और उसकी बेटी की मौत के कुछ दिनों बाद जिलाधिकारी नेहा जैन ने शुक्रवार को कहा कि दुखद घटना के बाद उनका चरित्र हनन किया जा रहा है।
जैन ने यह भी दावा किया कि वह अपने कार्यालय में आने वाले लोगों की शिकायतें सुनती हैं। अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान झोपड़ी में मां-बेटी द्वारा कथित तौर पर आग लगाकर आत्मदाह किये जाने के मामले और कानपुर देहात महोत्सव में जिलाधिकारी का नृत्य करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने पर जैन ने कहा, ‘‘इस दुखद घटना के बाद मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है जो किसी भी अधिकारी विशेष रूप से महिला अधिकारी के लिए सही नहीं है।’’
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘12 फरवरी को कानपुर देहात महोत्सव था जबकि उसके अगले दिन 13 फरवरी (मां-बेटी के आत्मदाह) को हुई घटना हम सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इन दोनों को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कानपुर देहात में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक महिला और उसकी बेटी की मौत की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया था। इस घटना को लेकर विपक्षी दल सरकार पर आक्रामक हैं और 20 फरवरी से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र में यह मामला गर्माने के आसार नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि कानपुर देहात की जिलाधिकारी नेहा जैन का पिछले सोमवार को अतिक्रमण हटाने की घटना के बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच पर नृत्य करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। जिलाधिकारी पर संवेदनहीनता का आरोप लगा कि घटना के बाद वह महोत्सव में नृत्य कर रही थीं। हालांकि जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि महोत्सव 12 फरवरी को था जबकि घटना 13 फरवरी को हुई।
कानपुर देहात जिले के रूरा थाना इलाके के मडौली गांव में 13 फरवरी की शाम अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान प्रमिला दीक्षित (45) और उनकी बेटी नेहा दीक्षित (20) ने कथित तौर पर अपनी झोपड़ी में खुद को आग लगा ली जिससे दोनों की मौत हो गयी थी। उनकी झोपड़ी कथित रूप से ग्राम समाज की जमीन पर बनी थी। दोनों का बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यहां पर अंतिम संस्कार किया गया।
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