देश की खबरें | राज्यसभा चुनाव में सीट बंटवारे पर विमर्श करेंगे एमवीए सहयोगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) इस बारे में चर्चा करेगा कि प्रदेश से छह राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्येक गठबंधन सहयोगी कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगा। यह बात बुधवार को शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन के एक नेता ने कही। इस चुनाव को एमवीए के लिए एक तरह का शक्ति परीक्षण माना जा रहा है।

मुंबई, 18 मई महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) इस बारे में चर्चा करेगा कि प्रदेश से छह राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्येक गठबंधन सहयोगी कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगा। यह बात बुधवार को शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन के एक नेता ने कही। इस चुनाव को एमवीए के लिए एक तरह का शक्ति परीक्षण माना जा रहा है।

शिवसेना पहले ही कह चुकी है कि वह अपने दो उम्मीदवारों को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित कराना चाहती है।

महाराष्ट्र के छह राज्यसभा सदस्यों- पीयूष गोयल, विनय सहस्त्रबुद्धे और विकास महात्मे (तीनों भाजपा से), पी चिदंबरम (कांग्रेस), प्रफुल्ल पटेल (राकांपा) और संजय राउत (शिवसेना) का कार्यकाल चार जुलाई को समाप्त हो रहा है।

चारों दलों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने आज कहा कि तीनों सत्तारूढ़ दलों में से प्रत्येक कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगा, इस पर फैसला गठबंधन नेताओं के बीच विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता महेश तापसे ने भी कहा कि तीनों घटक दलों की जल्द ही बैठक होने की उम्मीद है।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी छठी सीट के लिए खरीद-फरोख्त का सहारा ले रहे हैं, लेकिन एमवीए के पास इसे जीतने के लिए आंकड़ा है।

नवंबर 2019 में जब महाराष्ट्र में एमवीए सत्ता में आया था तो इसने विधानसभा में 170 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। सत्तारूढ़ गठंबधन में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं।

वर्तमान में सदन की एक सीट शिवसेना विधायक रमेश लटके के निधन के बाद खाली पड़ी है।

पिछले साल शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा पंढरपुर उपचुनाव हार गई थी, इसलिए उसके विधायकों की संख्या में एक की कमी आ गई थी।

गोयल, पटेल, चिदंबरम और राउत को उनके संबंधित दलों द्वारा फिर से नामित किए जाने की संभावना है।

लेकिन, राज्यसभा में दो सीट के लिए शिवसेना का प्रयास कोल्हापुर राजपरिवार के सदस्य और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज छत्रपति संभाजीराजे, जो पूर्व में राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य थे, की संभावनाओं को कमजोर कर सकता है।

संभाजीराजे ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा का अगला चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने सभी दलों से अपने लिए समर्थन करने की अपील की थी। वह पहले भाजपा से जुड़े रहे थे।

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी संभाजीराजे की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकती है, लेकिन अगर उन्हें अन्य दो एमवीए घटकों के वोट नहीं मिलते हैं, तो उनका चुनाव जीतना मुश्किल हो सकता है।

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास वर्तमान में 106 विधायक हैं। वहीं शिवसेना के 55, राकांपा के 53, कांग्रेस के 44 और 13 निर्दलीय विधायक हैं। वर्तमान में एक सीट खाली पड़ी है।

राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 24 मई को जारी की जाएगी।

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