जरुरी जानकारी | चीन सहित कुछ देशों की सरसों खल डीओसी की मांग से सरसों तिलहन के दाम में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिका और चीन के बीच शुल्क युद्ध को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सरसों के तेल रहित खल यानी सरसों डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग निकलने से देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तिलहन के दाम में सुधार दर्ज हुआ। वहीं कम आवक के बीच कमजोर थोक मांग की वजह से सरसों तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल अमेरिका और चीन के बीच शुल्क युद्ध को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सरसों के तेल रहित खल यानी सरसों डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग निकलने से देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तिलहन के दाम में सुधार दर्ज हुआ। वहीं कम आवक के बीच कमजोर थोक मांग की वजह से सरसों तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
सरसों तेल रहित खल यानी सरसों डीओसी की मुर्गीदाने के रूप में पॉल्ट्री उद्योग में इस्तेमाल किया जाता है।
मलेशिया एक्सचेंज में मामूली गिरावट है। दूसरी ओर शिकॉगो एक्सचेंज कल रात भी मजबूत बंद हुआ था और अब भी वहां तेजी जारी है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र में बड़े तेल संयंत्रों द्वारा सोयाबीन का दाम मध्य प्रदेश से भी बढ़ा हुआ, यानी 4,840 रुपये क्विंटल (फैक्टरी डिलिवरी भाव) कर दिया गया है जिससे सोयाबीन तिलहन में सुधार आया। वहीं शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी रहने के बावजूद पैसों की तंगी के कारण की जाने वाली बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे। काफी कम उपलब्धता रह जाने की वजह से बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।
उन्होंने कहा कि कमजोर हाजिर दाम की वजह से मंडियों में आवक कमजोर रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन भी पूर्ववत बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज की गिरावट के साथ-साथ महंगे दाम पर नहीं खपने की समस्या की वजह से पाम-पामोलीन तेल के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। जब तक इसका दाम सॉफ्ट ऑयल सोयाबीन से पांच-सात रुपये किलो कम नहीं होगा, पाम-पामोलीन का खपना मुश्किल बना रहेगा।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा कि अगर देशी तेल-तिलहनों के हाजिर दाम कमजोर बने रहेंगे तो किसान लाभ देने वाली फसलों की ओर अपना रुख मोड़ सकते हैं जो तेल-तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य के लिए घातक होगा। मौजूदा समय में सोयाबीन, मूंगफली जैसे तिलहन के हाजिर दाम, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे बने हुए हैं।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,375-6,475 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,725-6,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,245-2,545 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,370-2,470 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,370-2,495 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,650-4,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।
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