देश की खबरें | ईडी के चार अधिकारियों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही है मुंबई पुलिस: राउत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इसके कुछ अधिकारियों पर भाजपा के लिए ‘‘एटीएम’’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी के चार अधिकारियों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही है और उनमें से कुछ जेल जाएंगे।

मुंबई, आठ मार्च शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इसके कुछ अधिकारियों पर भाजपा के लिए ‘‘एटीएम’’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी के चार अधिकारियों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही है और उनमें से कुछ जेल जाएंगे।

राउत ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘भ्रष्टाचार’’ और ‘‘जबरन वसूली रैकेट’’ की जांच के लिए मुंबई पुलिस में एक शिकायत दर्ज की गई है। राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस पीएमसी बैंक घोटाले के एक आरोपी राकेश वधावन के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया के व्यापारिक संबंधों की भी जांच कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी कंपनी पर ईडी का छापा पड़ा है, उसने जितेंद्र नवलानी से संबंधित कंपनियों को धन हस्तांतरित किया है। राउत ने दावा किया कि नवलानी कई भाजपा नेताओं के करीबी हैं।

राउत ने कहा, ‘‘ईडी और उसके कुछ अधिकारी भाजपा के लिए एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) बन गए हैं।’’ शिवसेना नेता ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ कुछ विवरण साझा किए हैं।

राज्यसभा सांसद ने दावा किया, ‘‘मुंबई पुलिस ईडी के चार अधिकारियों के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस इसमें सक्षम है। मेरी बात को नोट कर लें...ईडी के कुछ अधिकारी जेल जाएंगे।’’

राउत ने कहा कि ईडी के एक पूर्व अधिकारी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और पार्टी के 50 उम्मीदवारों का चुनाव खर्च भी वहन किया। हालांकि राउत ने अपने दावे के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।

शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि मुंबई में ईडी के अधिकारी और उनके ‘‘एजेंट’’ बिल्डर, डेवलपर्स और कारोबारी घरानों को ‘‘डराने-धमकाने और जबरन वसूली में शामिल हैं। राउत ने ईडी के इन अधिकारियों के नाम या पदनाम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उन्होंने कहा कि वह अगले संवाददाता सम्मेलन में नामों का खुलासा करेंगे।

नवलानी के बारे में विस्तार से बताते हुए राउत ने कहा कि नवलानी की सात कंपनियां हैं। राउत ने दावा किया, ‘‘जब भी ईडी की जांच हुई, नवलानी की कंपनी को उस कंपनी से पैसा मिला, जिस पर केंद्रीय एजेंसी ने छापा मारा था। कंपनियों के पास कोई कार्यालय नहीं है, कोई कर्मचारी नहीं है।’’

शिवसेना सांसद ने उन कंपनियों की एक सूची भी प्रस्तुत की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि नवलानी की कंपनियों को धन हस्तांतरित किया गया।

ठाकरे के करीबी नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले सोमैया पर हमला करते हुए राउत ने कहा कि भाजपा नेता और उनके बेटे वधावन बंधुओं के साथ कथित वित्तीय लेनदेन के लिए जेल जाएंगे।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे दिन आई है जब महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले एक नेता समेत शिवसेना के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ आयकर विभाग ने छापेमारी की।

राउत ने कहा कि आयकर विभाग की कार्रवाई बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव से पहले की गई है।

बीएमसी में ढाई दशकों से अधिक समय से शिवसेना का नियंत्रण है। आर्थिक रूप से यह देश का सबसे धनी नगरीय निकाय है जिसका बजट कई छोटे राज्यों से अधिक है। राउत ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का उद्देश्य उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को अस्थिर करना है। उन्होंने कहा कि एमवीए सरकार के 14 मुख्य लोगों को अब तक केंद्रीय एजेंसियों ने निशाना बनाया है।

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