देश की खबरें | एमपीएससी अभ्यर्थी ने कोविड-19 के चलते साक्षात्कार टलने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुणे के हडपसर में कोविड-19 महामारी के कारण महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम साक्षात्कार नहीं होने के चलते कथित रूप से तनाव में आए 24 वर्षीय एमपीएससी अभ्यर्थी ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुणे, चार जुलाई पुणे के हडपसर में कोविड-19 महामारी के कारण महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम साक्षात्कार नहीं होने के चलते कथित रूप से तनाव में आए 24 वर्षीय एमपीएससी अभ्यर्थी ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
हडपसर थाने के एक अधिकारी ने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक स्वप्निल लोनकर ने 2019 में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाएं पास कर ली थीं और वह अंतिम साक्षात्कार की प्रतीक्षा कर रहा था। उसने 2020 प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी।
पुलिस ने कहा कि लोनकर ने 30 जून को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने एमपीएससी परीक्षाओं को ''मायाजाल'' बताया और इन्हें न देने की अपील की।
वरिष्ठ निरीक्षक बालकृष्ण कदम ने कहा, ''उसने कहा कि साक्षात्कार नहीं होने के कारण नकारात्मकता की भावना पैदा हो रही है और उसके आयु सीमा पार करने का जोखिम है। उसने यह भी कहा कि उसने इस उम्मीद से ऋण लिया गया था कि वह परीक्षा में सफल हो जाएगा। उसने यह भी कहा कि वह निराश था। उसके परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं।''
इस बीच, लोनकर के पिता ने कहा कि राज्य सरकार की ''उदासीनता'' उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''मेरे बेटे को उम्मीद थी कि उसे जल्द ही नियुक्ति मिल जाएगी क्योंकि उसने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर ली थी। वह कर्ज का बोझ कम करके मेरी मदद करना चाहता था लेकिन अब वह हमें छोड़कर चला गया है, हम तबाह हो गए। सरकार की उदासीनता के कारण मैंने अपना बेटा खो दिया।''
लोनकर की मां ने कहा कि उनके बेटे का सपना था कि वह प्लेटलेट्स दान कर 100 लोगों की जान बचाए और उसने 28 बार प्लेटलेट्स दान किया।
कर्जत जामखेड़ से राकांपा विधायक रोहित पवार ने कहा कि कोविड-19 के कारण एमपीएससी परीक्षा के परिणाम निलंबित होने से युवा पीढ़ी में अवसाद बढ़ रहा है ।
उन्होंने ट्वीट किया, ''मैं राज्य सरकार से सभी सावधानी बरतते हुए तत्काल परीक्षा कराने और सभी लंबित नियुक्तियों को पूरा करने का अनुरोध करता हूं।''
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