ताजा खबरें | सांसदों ने खेल ढांचे में सुधार और ग्रामीण युवाओं को उचित अवसर देने की पैरवी की

नयी दिल्ली, तीन अगस्त लोकसभा में बुधवार को अनेक सांसदों ने देश में खेल ढांचे में सुधार की वकालत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान युवाओं को उचित अवसर प्रदान किये जाएं ताकि अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में हमारा देश अमेरिका और चीन जैसे देशों का मुकाबला कर सके।

‘भारत में खेलकूद को बढ़ावा देने’ के विषय पर नियम 193 के तहत पिछले सत्र में अधूरी रही चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों की ऊर्जा का सही उपयोग करना होगा। इसके लिए उन्हें खेल में लगाना होगा।’’

दुबे के अनुसार, पहले खेल का बजट बहुत कम होता था, अब बजट में बहुत बढ़ोतरी की गई है।

उन्होंने कहा कि देश में खेल से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार करने और ग्रामीण भारत के युवाओं को उचित अवसर मुहैया कराने की जरूरत है।

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘इस सरकार ने खेलों के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। हमें यह देखना है कि हम अमेरिका और चीन का मुकाबला खेलों में कैसे करें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम खेलों में दीर्घकालीन नीति लेकर आ सकते हैं। निजी भागीदारी को भी बढ़ा सकते हैं।’’

वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कुंवर दानिश अली ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले युवाओं में प्रतिभा कहीं ज्यादा होती है। उन्होंने कहा, ‘‘खेल संघों में भाई-भतीजावाद को खत्म कर गांवों के युवाओं को उचित सुविधा दी जाए।’’

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कुछ आरोप लगाए जिस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति दर्ज की।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के सत्यपाल सिंह ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार का नेतृत्व संभाला है, देश में खेल को लेकर विशेष माहौल और परिस्थिति बनी है।

सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी सांसद निधि खेलों के लिए दी है।

उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बागपत में राष्ट्रीय खेल संस्थान बनाने की मांग की।

दूसरी ओर, जदयू के विजय कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और मान-सम्मान दिलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हर जिले में संसाधन मुहैया कराये जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में जिस तरह से खेलों के लिए काम हो रहा है, यदि 50-60 साल पहले प्रयास हुए होते तो भारत दुनिया में खेलों में पहले स्थान पर होता।

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के जगदंबिका पाल ने कहा कि 2017 में देश में आजादी के बाद पहली बार खेल प्रतिभा खोज पोर्टल शुरू किया गया ताकि खेल प्रतिभाओं को सामने लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में खेल प्रतिभाओं को इस तरह बचपन से ही खोजा जाता है और उन पर खर्च किया जाता है। पाल ने कहा कि भारत में भी इसी दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं।

चर्चा अधूरी रही।

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