देश की खबरें | महाकुंभ में उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम में आए सबसे अधिक पर्यटक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाकुंभ 2025 ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ मेले में उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम में आये पर्यटकों की संख्या से इन संभावनाओं का पता चलता है।
प्रयागराज (उप्र), तीन मार्च महाकुंभ 2025 ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ मेले में उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम में आये पर्यटकों की संख्या से इन संभावनाओं का पता चलता है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित करने वाले उप्र दर्शन मंडपम में सबसे अधिक पर्यटकों ने रुचि दिखाई है। महाकुंभ में सामान्य दिनों में उप्र दर्शन मंडपम में प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोग आए।
उन्होंने बताया कि विशिष्ट स्नान पर्वों में यह आंकड़ा दो लाख से ऊपर पहुंच गया। महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में 65 लाख से अधिक लोग उप्र दर्शन मंडपम में आए हैं, जो महाकुंभ के किसी भी पंडाल में आने वाले दर्शकों में सबसे अधिक संख्या हैं।
सिंह ने कहा कि महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पांच प्रमुख कॉरिडोर और पार्क विकसित किए गए हैं। पर्यटन के दीर्घकालीन विस्तार के लिए कॉरिडोर जैसे पर्यटन स्थल हमेशा उपयोगी होते हैं।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ में पांच धार्मिक कॉरिडोर को विकसित किया गया जिसने प्रयागराज में पर्यटन का पूरा स्वरूप बदल दिया है।
इन कॉरिडोर में प्रयागराज से विन्ध्याचल देवीधाम और फिर काशी को जोड़ने वाला प्रयाग- विन्ध्याचल-काशी कॉरिडोर, प्रयागराज को अयोध्या और गोरखपुर से जोड़ने वाला प्रयागराज-अयोध्या-गोरखपुर कॉरिडोर, प्रयागराज को लखनऊ के साथ नैमिषारण्य को जोड़ने वाला प्रयागराज-लखनऊ-नैमिषारण्य कॉरिडोर, प्रयागराज से चित्रकूट को जोड़ने वाला प्रयागराज-राजापुर-चित्रकूट कॉरिडोर और मथुरा वृंदावन से शुकतीर्थ को जोड़ने वाला प्रयागराज-मथुरा-वृंदावन-शुकतीर्थ कॉरिडोर शामिल हैं।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के मंदिरों का कायाकल्प करने के साथ मंदिरों के कॉरिडोर निर्माण की जो योजना धरातल पर उतारी है। इनमें संगम के निकट हनुमान मंदिर कॉरिडोर, अक्षयवट मंदिर , सरस्वती कूप कॉरिडोर, दारागंज में नागवासुकी कॉरिडोर, अलोपीबाग में अलोप शंकरी देवी कॉरिडोर और भारद्वाज आश्रम कॉरिडोर शामिल हैं।
इनके अलावा श्रृंगवेरपुर धाम के विकास ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए धार्मिक पर्यटन के कई विकल्प प्रदान कर दिए हैं। शिवालय पार्क और त्रिवेणी पुष्प परमार्थ निकेतन भी इसी का अंग बन गए हैं। इन संरचनाओं का विकास धार्मिक पर्यटन के लिए वरदान साबित होगा।
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