देश की खबरें | मोहन डेलकर आत्महत्या मामला: सभी नौ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी रद्द
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बम्बई उच्च न्यायालय ने सांसद मोहन डेलकर को पिछले साल आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल सहित सभी नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया।
मुंबई, आठ सितंबर बम्बई उच्च न्यायालय ने सांसद मोहन डेलकर को पिछले साल आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल सहित सभी नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया।
उच्च न्यायालय ने आरोपियों द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि यह ‘‘कानून के दुरुपयोग को रोकने’’ के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को रद्द करने के लिए एक उपयुक्त मामला है।
गौरतलब है कि दादरा एवं नागर हवेली (डीएनएच) से सात बार सांसद रहे 58 वर्षीय डेलकर 22 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव में एक होटल के कमरे में मृत पाए गए थे।
मुंबई पुलिस ने मार्च 2021 में पटेल और आठ अन्य के खिलाफ डेलकर को आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने और आपराधिक धमकी देने के लिए मामला दर्ज किया था।
नौ आरोपियों ने पिछले साल उच्च न्यायालय का रुख कर प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। आरोपियों ने दावा किया था कि उन्हें मामले में फंसाया गया है।
न्यायमूर्ति पी. बी. वारले और न्यायमूर्ति एस. डी. कुलकर्णी की खंडपीठ ने याचिकाओं को मंजूर करते हुए कहा, ‘‘सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, हम याचिकाओं को उपयुक्त मानते हैं। यह कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्राथमिकी को रद्द करने के वास्ते एक उपयुक्त मामला है।’’
डेलकर के परिवार के सदस्यों के मरीन ड्राइव पुलिस थाने जाकर डेलकर के बेटे अभिनव की ओर से एक शिकायत दर्ज कराने के बाद मुंबई पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), 506 (आपराधिक धमकी), 389 (किसी व्यक्ति को जबरन वसूली करने के लिए अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना) और 120बी (आपराधिक साजिश)और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नौ मार्च, 2021 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
राज्य सरकार ने पिछले साल अप्रैल में एक बयान दिया था कि वह महामारी की स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
पटेल के अलावा मामले के अन्य आरोपियों में तत्कालीन जिलाधिकारी संदीप सिंह, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शरद दराडे, तत्कालीन उपजिलाधिकारी अपूर्वा शर्मा, अनुमंडल अधिकारी मनस्वी जैन, पुलिस निरीक्षक (सिलवासा) मनोज पटेल, डीएनएच प्रशासनिक विभाग के अधिकारी रोहित यादव, राजनीतिक नेता फत्तेसिंह चौहान और दिलीप पटेल शामिल हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)