देश की खबरें | मोहन भागवत को साफ करना चाहिए कि आरएसएस प्रमुख केवल ऊंची जाति के लोग क्यों बनते हैं: आप

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत से यह स्पष्ट करने की मांग की कि आरएसएस प्रमुख सदैव किसी अगड़ी जाति का ही व्यक्ति क्यों बनता है। आप का यह बयान भागवत के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि ‘वर्ण’ और ‘जाति’ व्यवस्था को पूर्ण रूप से खारिज किया जाना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि इसने देश को वर्ण, जाति और धर्म के आधार पर सबसे अधिक विभाजित किया।

नागपुर में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शुक्रवार को भागवत ने कहा था कि ‘वर्ण’ और ‘जाति’ जैसी अवधारणा को पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अब जाति प्रथा की कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है।

उन्होंने यह भी कहा था कि अपने पूर्वजों द्वारा की गई गलतियों को स्वीकार करने और माफी मांगने में झिझकना नहीं चाहिए।

आप नेता दुर्गेश पाठक ने भागवत की टिप्पणी पर संवादाताओं से कहा, ‘‘जब वह ऐसी बातें कहते हैं, तो मैं आरएसएस प्रमुख से पूछना चाहता हूं कि हमेशा ऊंची जाति का ही कोई व्यक्ति आरएसएस प्रमुख क्यों बनता है।’’

हालांकि, उन्होंने उन सभी व्यक्तियों की जाति के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, जिन्होंने अब तक आरएसएस का नेतृत्व किया है। पाठक के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पाठक ‘आप’ की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं, जो पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।

दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक पाठक ने कहा, ‘‘मुझे हंसी आ रही है, क्योंकि भाजपा ने देश को वर्ण, जाति और धर्म के नाम पर सबसे ज्यादा विभाजित किया है।’’

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