कुशीनगर (उप्र), 19 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बौद्ध धर्म के अनुयायियों के एक प्रमुख 'तीर्थस्थल' कुशीनगर में 260 करोड़ रुपये की लागत से 589 एकड़ में बने अंतरराष्ट्रीय विमानतल का बुधवार सुबह उद्घाटन करेंगे। इस हवाई अड्डे पर उतरने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय विमान श्रीलंका सरकार का होगा, जिसमें उच्च-स्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल होगा।
प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज समेत 12 अन्य परियोजनाओं का भी शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर मंगलवार को कुशीनगर का दौरा कर सम्पूर्ण तैयारियों का जायजा लिया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में योगी ने कहा, ''यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश को कल तीसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सौंपा जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमोत्तर बिहार के विकास में इस नये हवाई अड्डे का बहुत बड़ा योगदान होगा। इससे न केवल पर्यटन की असीम संभावनाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हम सब जानते हैं कि भगवान बुद्ध से जुड़े सर्वाधिक पावन स्थल उत्तर प्रदेश में हैं और उनसे जुड़ी जितनी संभावनाएं थी, उसका बेहतर उपयोग नहीं हो पाया, लेकिन हम प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने बौद्ध सर्किट में पर्यटन की सभी संभावनाओं को आगे बढ़ाने और बौद्ध धर्म से जुड़े देशों को जोड़ने का कार्य किया है।''
उन्होंने कहा कि कल श्रीलंका का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल यहां आएगा, जिसके सदस्यों के स्वागत का अवसर राज्य सरकार और कुशीनगर के नागरिकों को मिल रहा है और हम सब ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हवाई चप्पल पहनने वालों का भी हवाई यात्रा का अवसर दिलाने का वादा किया था और आज उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक हवाई अड्डे वाला राज्य बन गया है। योगी के साथ आज कुशीनगर की यात्रा करने वालों में राज्य के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे।
इस अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर उतरने वाले श्रीलंकाई सरकार के विमान में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बौद्ध भिक्षु भी शामिल रहेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरान महापरिनिर्वाण मंदिर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव का भी करीब साढ़े 11 बजे शुभारंभ करेंगे। वह कुशीनगर में ही रामकोला रोड, नारायणपुर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे और करीब सवा एक बजे विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।
गौरतलब है कि कुशीनगर भगवान गौतम बुद्ध की निर्वाण स्थली है और प्रतिवर्ष यहां पर चीन, श्रीलंका, कम्बोडिया, थाईलैंड, जापान, मलेशिया, म्यांमार, कोरिया, लाओस, सिंगापुर, वियतनाम, ताइवान, नेपाल और भूटान के नागरिक आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। बिहार की सीमा पर बसे कुशीनगर की दूरी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 325 किलोमीटर की है। यहां अन्तरराष्ट्रीय स्तर का विमानतल बनने से देश-विदेश के पर्यटकों को आने में सुविधा होगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन, राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और 12 अन्य विकास परियोजनाओं की सौगात पाकर कुशीनगर 20 अक्टूबर से विकास की नई उड़ान भरने और अपनी सुदृढ़ पहचान बनाने को तैयार है। इस हवाई अड्डे से जहां तथागत की महापरिनिर्वाण स्थली का ऐतिहासिक गौरव और समृद्ध होगा, वहीं प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज 40 लाख लोगों के जीवन में संजीवनी सरीखा उपहार होगा। इसके साथ ही बाढ़ सुरक्षा, सड़क व ज्ञानालयों से जुड़ी परियोजनाएं जिले की खुशहाली बढ़ाएंगी।
कुशीनगर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय तिवारी ने 'पीटीआई-' को बताया, ''इन सारे कार्यक्रमों के शिल्पी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और उनकी मंशा लंबे समय तक पिछड़ेपन का दंश झेलने वाले कुशीनगर को विकास के नक्शे पर पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जरिये इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए नया द्वार बनाने की है।''
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