देश की खबरें | मोदी ने ‘कम इस्तेमाल, दोबारा इस्तेमाल और पुनर्चक्रण’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सतत विकास के लिए लोगों से ‘‘कम इस्तेमाल, दोबारा इस्तेमाल और पुनर्चक्रण’’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

केवडिया (गुजरात), 20 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सतत विकास के लिए लोगों से ‘‘कम इस्तेमाल, दोबारा इस्तेमाल और पुनर्चक्रण’’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि लोग जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों का सामना कर रहे हैं और यह मुद्दा नीति-निर्माण के दायरे से परे है। गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने ‘मिशन लाइफ’ की शुरुआत की। यह एक वैश्विक कार्ययोजना है जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी असर से पृथ्वी को बचाना है।

इस मिशन को ऐसे समय पर शुरू किया गया है जब अगले महीने संयुक्त राष्ट्र, जलवायु के मुद्दे पर मिस्र में विशाल बैठक का आयोजन कर रहा है। ‘मिशन लाइफ’ में जीवनशैली में बदलाव के लिए अनेक सुझाव हैं जिन्हें जलवायु अनुकूल व्यवहार के तौर अपनाया जा सकता है। मोदी और गुतारेस ने गुजरात के केवडिया में संयुक्त रूप से ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) को इसके लोगो (प्रतीक चिह्न) और ‘टैग लाइन’ (आदर्श वाक्य) के साथ शुरू किया।

इस अवसर पर मोदी ने लोगों से कहा कि वे ‘कम इस्तेमाल, दोबारा इस्तेमाल और पुनर्चक्रण’ और ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ (ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें संसाधनों की बर्बादी को न्यूनतम किया जाता है) के सिद्धांतों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने को प्रतिबद्ध है।

मोदी ने कहा कि ‘मिशन लाइफ’ लोगों के अनुकूल ग्रह के विचार को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य स्थायी आदर्श पर्यावरण के लिए लोगों के रुख को तीन रणनीतियों की ओर मोड़ना है जिनमें व्यक्तियों द्वारा अपनी दिनचर्या में सामान्य लेकिन प्रभावी पर्यावरण अनुकूल आचरण (मांग) का अनुपालन करना, उद्योगों और बाजार को बदलती मांग (आपूर्ति) के तहत बदलाव करने में सक्षम बनाना और सरकार एवं औद्योगिक नीतियों को प्रभावित करना शामिल है ताकि वे स्थायी उपभोग एवं उत्पादन (नीति) का समर्थन करें।

मोदी ने कहा कि यह धारणा है कि जलवायु परिवर्तन केवल नीति से जुड़ा मुद्दा है और इससे जुड़े अहम मुद्दों से निपटना केवल सरकार या अंतरराष्ट्रीय संगठनों का काम है। उन्होंने कहा, ‘‘लोग अपने आसपास जलवायु परिवर्तन के असर को अनुभव कर रहे हैं और गत कुछ दशकों में अप्रत्याशित आपदाओं के गवाह रहे हैं। यह स्पष्ट करता है कि जलवायु परिवर्तन केवल नीति बनाने से कहीं परे चला गया है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मिशन लाइफ’ का मंत्र ‘पर्यावरण के लिए जीवनशैली’ है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की धरती को बचाने की शक्ति जुड़ेगी और उन्हें बताएगी कि संसाधनों का कैसे बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि ‘मिशन लाइफ’ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को लोकतांत्रिक बनाएगा जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान कर सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मिशन लाइफ हम सभी को अपने दैनिक जीवन में उन कार्यों को करने के लिए प्रेरित करेगा जिससे पर्यावरण की रक्षा होती है। मिशन लाइफ के जरिए विश्वास है कि जीवनशैली में बदलाव कर पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है।’’

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए एक व्यक्ति व्यायामशाला वाहन से जाता है और पांच किलोमीटर प्रति लीटर की दर से ईंधन खर्च करता है, अगर वह इसके बजाय साइकिल से जाए तो पर्यावरण को बचाने और सेहतमंद रहने के दोनों लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में बिजली के बिलों में कमी लाने और पर्यावरण को बचाने के लिए एलईडी बल्बों के इस्तेमाल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इससे पर्यावरण को भारी बचत और लाभ हुआ तथा इससे स्थायी लाभ मिल रहा है।’’

मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ ‘‘पी3 मॉडल अवधारणा पर आधारित है जिसका अभिप्राय ‘‘प्रो प्लैनेट पीपुल’’ (ग्रह हितैषी लोग) है। उन्होंने कहा कि यह लोगों को ग्रह हितैषी लोग के तौर पर जोड़ेगा, विचारों से उनको एकजुट करेगा। उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) इस ग्रह की, ग्रह के लिए और ग्रह द्वारा तैयार जीवनशैली के मूलभूत सिद्धांत पर काम करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में सालाना प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन महज 1.5 टन है जबकि वैश्विक औसत चार टन प्रति वर्ष है। उन्होंने कहा कि भारत, जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याओं को सुलझाने के लिए काम कर रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘आज हम पवन ऊर्जा उत्पादन में चौथे और सौर ऊर्जा उत्पादन में पांचवें स्थान पर हैं। भारत की नवीनीकरण ऊर्जा क्षमता गत सात-आठ सालों में 290 प्रतिशत बढ़ी है। हमने तय समय सीमा से नौ साल पहले ही 40 प्रतिशत बिजली उत्पादन क्षमता गैर जीवाश्म स्रोतों से करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथनॉल मिलाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है और वह भी तय समयसीमा से पांच महीने पहले।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के जरिये भारत पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे भारत और दुनिया के कई देशों को उनके शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।’’

इससे पहले प्रधानमंत्री ने केवडिया में गुतारेस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। अधिकारियों ने कहा कि मोदी ने गुतारेस के साथ लंबी बातचीत की, जो बुधवार से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs Zimbabwe, T20 World Cup 2026 48th Match Scorecard: चेन्नई में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रनों से दी करारी शिकस्त, सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार; यहां देखें IND बनाम ZIM मैच का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 2nd ODI Key Players To Watch Out: ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच दूसरे वनडे में इन स्टार खिलाड़ियों पर होगी सबकी निगाहें

Australia Women vs India Women, 2nd ODI Pitch Report: दूसरे वनडे में भारत महिला के बल्लेबाज दिखाएंगे दम या ऑस्ट्रेलिया महिला के गेंदबाज करेंगे कमाल? यहां जानें पिच रिपोर्ट

India vs Zimbabwe, T20 World Cup 2026 48th Match Scorecard: चेन्नई में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के सामने रखा 257 रनों का टारगेट, अभिषेक शर्मा ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\