देश की खबरें | नाबालिग यौन उत्पीड़न मामला : अदालत ने निलंबित अधिकारी खाखा और उसकी पत्नी की न्यायिक हिरासत बढ़ाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने एक नाबालिग से बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के आरोपी दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा को बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
नयी दिल्ली, 23 अगस्त दिल्ली की एक अदालत ने एक नाबालिग से बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के आरोपी दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा को बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
नाबालिग को गर्भपात के लिए दवा देने की आरोपी अधिकारी की पत्नी सीमा रानी की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
दोनों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) रिचा परिहार की अदालत में पेश किया गया।
आरोपी के वकील उमाशंकर गौतम ने कहा कि अदालत ने छह सितंबर को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने से पहले खाखा के नसबंदी कराने के दावे को लेकर मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है।
वकील ने दावा किया कि खाखा ने नवंबर 2005 में नसंबदी कराई थी और वह लड़की को गर्भवती नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है ताकि पता लगाया जा सके कि खाखा की नसबंदी हुई है या नहीं है। वह अदालत को अपनी रिपोर्ट देगा।’’
वकील ने बताया कि अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच ‘तेज ’ करे और समय से आरोप पत्र दाखिल करे। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने आरोपियों की हिरासत के लिए आवेदन नहीं दिया है।’’
पुलिस ने बताया कि खाखा ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच लड़की से कई बार कथित रूप से बलात्कार किया था। आरोपी लड़की के पिता का मित्र था और उसके परिवार के साथ उसके करीबी संबंध थे। एक अक्टूबर, 2020 को पिता की मृत्यु के बाद वह आरोपी के घर पर ही रह रही थी।
एक अस्पताल में पीड़ित के मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराने के बाद दंपति को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को दंपति को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
पुलिस ने कहा कि यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) (एफ) (रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक, विश्वासपात्र या महिला के प्रति जवाबदेह व्यक्ति का इस तरह की महिला से बलात्कार करना) और 509 (महिला की गरिमा को भंग करने के इरादे से शब्दों का इस्तेमाल, इशारे या कार्य करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि मामले में आईपीसी की धाराएं 506 (आपराधिक धमकी), 323 (जानबूझकर नुकसान पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराना) और 120 बी (आपराधिक साजिश) भी लगाई गई हैं।
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