देश की खबरें | पूर्वोत्तर में अपनी तरह का पहला उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय पूर्वोत्तर में अपनी तरह का पहला उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान से मिली।
नयी दिल्ली, 26 जुलाई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय पूर्वोत्तर में अपनी तरह का पहला उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान से मिली।
बयान के अनुसार जैव-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में जैव-संसाधन एवं सतत विकास केंद्र की स्थापना को लेकर परियोजना को मंजूरी दी गई थी और यह जल्द ही औपचारिक उद्घाटन के लिए पूरी हो गई है।
लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से वाली यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के किमिन में बनी है और नए भवन के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा हो चुका है।
बयान में कहा गया है, ‘‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय पूर्वोत्तर में अपनी तरह का पहला उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है।’’
बयान में कहा गया है कि लोकसभा सांसद तपीर गाओ, राज्यसभा सदस्य नबाम रेबिया और अरुणाचल प्रदेश राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के अध्यक्ष बामंग मंगा के नेतृत्व में अरुणाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और उन्हें अपनी ओर से और राज्य एवं पूर्वोत्तर के लोगों की ओर से धन्यवाद दिया।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल पूर्वोत्तर को उच्च प्राथमिकता दी है, बल्कि ढांचागत विकास और चल रही परियोजनाओं के मूल्यवर्धन के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने का भी आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इसलिए, इस उद्देश्य के लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस क्षेत्र में अपने स्वयं के प्रौद्योगिकी संसाधन केंद्र हों और प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य इस उद्देश्य को पूरा करना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)