नैनीताल, 21 जुलाई उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नैनीताल में स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के अंदर और आसपास अवैध रूप से रह रहे निवासियों को राहत देने से इंकार कर दिया ।
क्षेत्र के 10 लोगों ने अदालत से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया था ।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने धवस्तीकरण कार्यवाही पर रोक के अनुरोध संबंधी इस अर्जी को खारिज कर दिया ।
पीठ ने अतिक्रमणकारियों से एक लिखित बयान देकर यह बताने को भी कहा कि उन्हें अतिक्रमण वाले स्थान को खाली करने के लिए कितना समय चाहिए जिससे उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की जा सके ।
मेट्रोपोल होटल से अतिक्रमण हटाए जाने के लिए उपजिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए नोटिस को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी थी । संपत्ति पर अवैध रूप से रह रहे 134 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित किया गया था ।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि नैनीताल के उपजिलाधिकारी ने चार मई को संपत्ति खाली करने का नोटिस दिया था और 24 जून को प्रशासन ने उनकी बिजली और पानी आपूर्ति बंद कर दी।
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं । कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेट्रोपोल होटल के आसपास 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गयी है ।
उपजिलाधिकारी राहुल शाह द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार धारा 144 तब तक लागू रहेगी जब तक ध्वस्तीकरण का काम पूरा नहीं हो जाता ।
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